विश्व
SCO बैठक में भारत का सख्त संदेश ज्यादा संस्थाएं नहीं बल्कि बेहतर परिणाम जरूरी
Ratna Netam
20 Oct 2026 8:28 PM IST

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नई दिल्ली। भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट (CHG) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन में संस्थाओं की संख्या बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि उसकी उपलब्धियां भी बढ़ जाएंगी। उन्होंने सदस्य देशों से ऐसे निर्णय लेने का आग्रह किया, जिनसे वास्तविक और व्यावहारिक लाभ प्राप्त हो सके।रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने कहा कि SCO को अपनी कार्यकुशलता बनाए रखने के साथ संप्रभु समानता, आम सहमति और आपसी सम्मान के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। उन्होंने संगठन में अनावश्यक संस्थागत विस्तार से बचने और मौजूदा व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।
संस्थाओं की संख्या नहीं, काम की गुणवत्ता महत्वपूर्ण
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अधिक संस्थाएं स्थापित करना किसी संगठन की सफलता का पैमाना नहीं हो सकता।उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्थाओं और तंत्रों का गठन तभी किया जाना चाहिए, जब उनकी वास्तविक आवश्यकता हो और वे सदस्य देशों के लिए उपयोगी साबित हो सकें।सिंह ने कहा कि नए तंत्रों को पहले से मौजूद संस्थाओं के काम का दोहराव नहीं करना चाहिए। इसके बजाय उन्हें स्पष्ट रूप से पहचानी गई जरूरतों को पूरा करने और ठोस परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।उन्होंने SCO से भविष्य की योजनाओं में कार्यकुशलता, पारदर्शिता और व्यावहारिक सहयोग को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
संप्रभु समानता और आपसी सम्मान पर दिया जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन की मजबूती सदस्य देशों के बीच समानता, विश्वास और आपसी सम्मान पर निर्भर करती है।भारत का मानना है कि सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों का सम्मान करते हुए सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि संगठन में महत्वपूर्ण निर्णय आम सहमति के आधार पर लिए जाने चाहिए, ताकि सदस्य देशों के बीच संतुलित और प्रभावी साझेदारी विकसित हो सके।रक्षा मंत्री ने SCO की पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए भविष्य के लिए व्यावहारिक और दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की अपील
बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए गंभीर खतरा बताया।उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार का दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए। आतंकवादी संगठनों को वित्तीय सहायता, सुरक्षित ठिकाने या अन्य प्रकार का समर्थन देने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।रक्षा मंत्री ने SCO सदस्य देशों से आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए एकजुट प्रयास करने की अपील की।उन्होंने कहा कि आतंकवाद न केवल लोगों की जान लेता है, बल्कि व्यापार, आर्थिक विकास और युवाओं के भविष्य को भी प्रभावित करता है।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा
SCO की 25वीं शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।इस दौरान व्यापार, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन संपर्क और नई तकनीकों के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई।भारत ने बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए वर्ष 2026 से 2030 तक की कार्ययोजना का समर्थन किया।इस योजना का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत करना और व्यापार के नए अवसर विकसित करना है।
युवाओं और स्टार्टअप को मिलें नए अवसर
रक्षा मंत्री ने कहा कि SCO की वास्तविक सफलता का आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि संगठन युवाओं, उद्यमियों, किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए कितने अवसर पैदा करता है।भारत ने डिजिटल तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का समर्थन किया।सिंह ने कहा कि नई तकनीकों का इस्तेमाल सदस्य देशों के आर्थिक विकास और औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।उन्होंने व्यापारिक बाधाओं को कम करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई।
क्षेत्रीय संपर्क के लिए संप्रभुता का सम्मान जरूरी
राजनाथ सिंह ने क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं पर भी भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट किया।उन्होंने कहा कि संपर्क और परिवहन से संबंधित पहल सभी देशों की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए विकसित की जानी चाहिए।भारत ने परामर्श, पारदर्शिता और आपसी लाभ के आधार पर क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत ने दिया परिणाम आधारित सहयोग का संदेश
दुशांबे में आयोजित SCO बैठक के दौरान भारत ने स्पष्ट किया कि संगठन की सफलता केवल बैठकों, समितियों या नई संस्थाओं के गठन से नहीं मापी जानी चाहिए।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदस्य देशों से ऐसी योजनाओं पर काम करने की अपील की, जिनसे आर्थिक विकास, सुरक्षा, व्यापार और नागरिकों के जीवन में वास्तविक सुधार हो सके।उन्होंने कहा कि SCO को अपनी संस्थागत कार्यकुशलता बनाए रखते हुए आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करना चाहिए।भारत का यह संदेश संगठन के भविष्य में संसाधनों के बेहतर उपयोग, काम के दोहराव को रोकने और सदस्य देशों को ठोस लाभ पहुंचाने पर केंद्रित रहा।
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