विश्व
रूसी सेना में भर्ती से बचें भारतीय विदेश मंत्रालय की चेतावनी
Ratna Netam
1 Oct 2026 7:36 PM IST

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नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को रूस में सैन्य भर्ती से जुड़े प्रस्तावों को लेकर एक बार फिर कड़ी चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि थोड़े समय के आर्थिक लाभ या ज्यादा कमाई के लालच में भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता न छोड़ें और रूसी पासपोर्ट लेकर वहां की सेना में शामिल होने का रास्ता न अपनाएं। सरकार ने इसे बेहद खतरनाक कदम बताते हुए कहा है कि इससे संबंधित व्यक्ति की जान को गंभीर खतरा हो सकता है और बाद में भारत सरकार के लिए उसकी मदद करना कानूनी रूप से भी बेहद जटिल हो सकता है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी ताजा एडवाइजरी में कहा गया है कि पिछले कुछ समय में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों ने आर्थिक लाभ की उम्मीद में रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने के अवसर तलाशे। कुछ लोगों ने भारतीय अधिकारियों से अपनी नागरिकता त्यागने के लिए संपर्क किया, जबकि कुछ ने पहले सलाह लिए बिना रूसी पासपोर्ट हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया। मंत्रालय ने लोगों से ऐसे फैसलों की गंभीरता को समझने को कहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी इस संबंध में जानकारी साझा की। मंत्रालय ने साफ किया कि भारतीय नागरिकों को केवल अस्थायी आर्थिक फायदे के लिए ऐसा कोई फैसला नहीं लेना चाहिए, जिससे वे विदेशी सेना में भर्ती हो जाएं और युद्ध जैसी परिस्थितियों में पहुंच जाएं।
सरकार का कहना है कि रूसी सेना में भर्ती होना सामान्य विदेशी नौकरी स्वीकार करने जैसा मामला नहीं है। सैन्य अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के बाद संबंधित व्यक्ति को युद्ध क्षेत्र या अन्य खतरनाक सैन्य जिम्मेदारियों में लगाया जा सकता है। ऐसे में उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। मंत्रालय ने इसे ऐसा रास्ता बताया है जिससे भारतीय नागरिकों को दूर रहना चाहिए।
ताजा चेतावनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन लोगों से जुड़ा है, जो यह मानकर रूसी सेना में शामिल होने का फैसला कर रहे हैं कि पहले वे आर्थिक लाभ हासिल कर लेंगे और बाद में भारत सरकार के राजनयिक हस्तक्षेप से आसानी से सेना से बाहर आ जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने इस धारणा को गलत बताया है।
मंत्रालय ने कहा कि सैन्य सेवा का अनुबंध करने के बाद स्थिति बेहद जटिल हो सकती है। भारत सरकार लगातार रूसी पक्ष के संपर्क में रहकर पहले से वहां की सेना में शामिल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और जल्द रिहाई के लिए प्रयास करती रही है, लेकिन इसे किसी व्यक्ति के लिए पहले से तय सुरक्षित रास्ता नहीं समझा जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने पिछले दो वर्षों के दौरान भी भारतीय नागरिकों को विदेश में नौकरी तलाशते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष तौर पर ऐसे एजेंटों, बिचौलियों या संस्थाओं के प्रस्तावों से सावधान रहने को कहा गया है, जो विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत नहीं हैं या आकर्षक वेतन और दूसरी सुविधाओं का लालच देकर लोगों को विदेश भेजने का दावा करते हैं।
सरकार ने कहा है कि विदेश जाने से पहले नौकरी की वास्तविक प्रकृति, कंपनी या नियोक्ता की पहचान और अनुबंध की शर्तों की पूरी जांच की जानी चाहिए। केवल सोशल मीडिया पोस्ट, मैसेजिंग ऐप या किसी अनजान व्यक्ति के दावे के आधार पर विदेशी नौकरी स्वीकार करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार कुछ मामलों में विदेशी नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती करने में गैर-सरकारी संस्थाओं और स्वयंसेवी समूहों की भूमिका की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में भारतीयों से कहा गया है कि वे भर्ती संबंधी किसी भी प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले पूरी जांच करें।
पिछले दो वर्षों में ऐसे कई मामले चर्चा में आए हैं, जिनमें भारतीय नागरिक बेहतर नौकरी या अधिक वेतन के प्रस्तावों के बाद रूस पहुंचे और बाद में उनके रूसी सैन्य सेवा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। कुछ मामलों में परिवारों ने भारत सरकार से हस्तक्षेप कर अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी कराने की मांग की।
इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने अब यह भी स्पष्ट किया है कि जानबूझकर नागरिकता त्यागने और रूसी पासपोर्ट हासिल कर सैन्य सेवा में प्रवेश करने की कोशिश स्थिति को और कठिन बना सकती है। भारतीय नागरिकता छोड़ने के बाद संबंधित व्यक्ति की कानूनी स्थिति बदल जाती है, जिससे भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली राजनयिक या दूतावास सहायता के स्वरूप पर भी असर पड़ सकता है।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आर्थिक प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसके दीर्घकालिक परिणामों के बारे में गंभीरता से सोचें। कुछ समय के वित्तीय लाभ के बदले किसी विदेशी सेना में शामिल होना जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
सरकार ने साथ ही यह दोहराया है कि वह उन भारतीय नागरिकों के मामलों को रूसी अधिकारियों के सामने उठाती रहेगी जो पहले से वहां की सैन्य सेवा में शामिल हैं और भारत लौटना चाहते हैं। उनकी सुरक्षा और जल्द रिहाई के लिए राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है।
विदेश मंत्रालय की ताजा एडवाइजरी का मुख्य संदेश यही है कि भारतीय नागरिक किसी भी परिस्थिति में आर्थिक लालच, विदेशी पासपोर्ट या नौकरी के आकर्षक प्रस्ताव के आधार पर रूसी सैन्य सेवा में शामिल होने जैसा फैसला न लें। सरकार ने साफ किया है कि ऐसा कदम न केवल बेहद खतरनाक है, बल्कि बाद में कानूनी और राजनयिक स्तर पर गंभीर मुश्किलें भी पैदा कर सकता है।
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