
अमेरिका | अमेरिका में 30 लाख से अधिक भारतीय प्रवासियों को झटका लगा है, क्योंकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रीन कार्ड स्थायी निवास की गारंटी नहीं देता। इस बयान के बाद अमेरिकी नागरिकता का सपना देखने वाले लाखों भारतीयों के लिए अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
ग्रीन कार्ड धारकों के लिए क्यों बढ़ी मुश्किलें?
ग्रीन कार्ड को अब तक अमेरिका में स्थायी निवास और भविष्य में नागरिकता की ओर पहला कदम माना जाता था, लेकिन वेंस के बयान के बाद यह धारणा कमजोर होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रपति के फैसले से ग्रीन कार्ड रद्द किया जा सकता है।
क्या अब भारतीय अप्रवासियों के लिए मुश्किल होंगे हालात?
- 2024 में ग्रीन कार्ड पाने वाले 50,000 भारतीय सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
- जो भारतीय अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
- ट्रंप की वापसी की अटकलों के बीच यह बयान अप्रवासियों के लिए एक संकेत हो सकता है कि नीति और सख्त होने वाली है।
क्या कह रहे हैं इमीग्रेशन विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अमेरिकी प्रशासन की भविष्य की नीति का संकेत हो सकता है। अगर सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है, तो लाखों भारतीयों को अपनी अप्रवासन स्थिति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
भारतीय समुदाय में चिंता क्यों बढ़ी?
- नौकरी और स्थायी निवास के सपने पर असर पड़ सकता है।
- अमेरिका में बसे भारतीयों को कानूनी अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ सकता है।
- नए अप्रवासी अब अन्य देशों की ओर रुख कर सकते हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बाइडेन प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और भारतीय अप्रवासियों के भविष्य को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।





