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रूसी हमले में भारतीय नाविक घायल, जयशंकर ने जताई कड़ी आपत्ति

nidhi
6 Oct 2026 10:55 AM IST
रूसी हमले में भारतीय नाविक घायल, जयशंकर ने जताई कड़ी आपत्ति
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काला सागर हमले पर भारत सख्त

नई दिल्ली: काला सागर में एक तुर्की स्वामित्व वाले नागरिक मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नाविक के घायल होने के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नागरिक जहाजों पर हमलों को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया और कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जाना चाहिए।

हमला MV Royad Mammadov नाम के जहाज पर हुआ, जो काला सागर में रोमानिया की समुद्री सीमा के बाहर था। जहाज मकई लेकर यूक्रेन से इटली के रवेना जा रहा था। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक जहाज पर दो ड्रोन से हमला हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। हादसे में कम से कम दो लोगों की मौत और कुछ अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। जहाज के चालक दल में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। रोमानिया में भारतीय दूतावास ने बताया कि एक भारतीय नाविक घायल हुआ और अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा है। भारतीय राजदूत मनोज महापात्रा ने तीनों भारतीय नागरिकों से बात की और अस्पताल प्रशासन से भी उनकी स्थिति की जानकारी ली। दूतावास के अनुसार तीनों भारतीयों की हालत ठीक है और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जहाज पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक मौजूद थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने अन्य मालवाहक जहाजों पर हमलों का जिक्र किया है, लेकिन Reuters के मुताबिक उसने इस विशेष घटना पर स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। इसलिए हमले की जिम्मेदारी को लेकर उपलब्ध दावों को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
जयशंकर ने कहा कि भारत हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संपर्क बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि जुलाई में काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में भारतीय नाविकों के मारे जाने और घायल होने के बाद भारत ने दोनों पक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद समुद्री जहाजों की सुरक्षा, अनाज की आपूर्ति और ऊर्जा परिवहन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ी।
भारत का कहना है कि काला सागर, लाल सागर या खाड़ी क्षेत्र में नागरिक जहाजों पर हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते। नई दिल्ली समुद्री व्यापार मार्गों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार संबंधित पक्षों के संपर्क में है। काला सागर रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान एक बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग बना हुआ है। इस रास्ते से अनाज, ऊर्जा और दूसरे जरूरी सामानों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। हाल के महीनों में नागरिक जहाजों और बंदरगाहों पर हमलों के कारण यहां समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
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