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भारतीय मूल के डॉक्टर ने बनाया था गुप्त वीडियो, मिली सजा

Saba Naaz
22 July 2026 3:40 PM IST
भारतीय मूल के डॉक्टर ने बनाया था गुप्त वीडियो, मिली सजा
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अमेरिका: ओहियो राज्य के टोलेडो शहर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां भारतीय मूल के डॉक्टर अद्वैत देशमुख को महिलाओं के गुप्त वीडियो और तस्वीरें बनाने के आरोप में अदालत ने 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। डॉक्टर पर आरोप था कि उन्होंने अस्पताल के शौचालय में महिलाओं की निजी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल की सजा के साथ कई अन्य कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान डॉक्टर अद्वैत देशमुख ने गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोपों को स्वीकार किया। कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके अलावा जेल से रिहाई के बाद उन्हें तीन साल तक निगरानी में रहना होगा। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि डॉक्टर को अगले 15 साल तक यौन अपराधी के रूप में अपना पंजीकरण कराना होगा।

कोर्ट ने डॉक्टर देशमुख को मानसिक स्वास्थ्य उपचार और यौन अपराधियों के लिए चलाए जाने वाले विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश भी दिए हैं। न्यायाधीश माइकल गोल्डिंग ने कहा कि इस तरह के अपराधों से पीड़ित लोगों को गहरा मानसिक आघात पहुंचता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।

यह मामला जून 2025 में सामने आया था, जब टोलेडो अस्पताल के एक यूनिसेक्स वॉशरूम में एक संदिग्ध मोबाइल फोन मिला था। बताया गया कि फोन को एक डिब्बे के अंदर छिपाकर रखा गया था। अस्पताल के एक कर्मचारी ने जब उस फोन को निकालने की कोशिश की, तो डॉक्टर अद्वैत देशमुख ने तुरंत उसे अपने कब्जे में ले लिया और दावा किया कि वह फोन उनका है।

इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल फोन से फरवरी से मई 2025 के बीच की कई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद किए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि फोन में करीब 82 संदिग्ध वीडियो और तस्वीरें थीं। जांच अधिकारियों ने छह महिलाओं को इस मामले में पीड़ित के तौर पर चिन्हित किया है। हालांकि, पुलिस को आशंका है कि प्रभावित महिलाओं की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है।

सजा सुनाए जाने के दौरान डॉक्टर अद्वैत देशमुख ने अदालत में अपनी गलती के लिए माफी मांगी। उनके वकील ने कोर्ट से जेल की सजा के बजाय प्रोबेशन देने की अपील की थी। वकील का कहना था कि डॉक्टर इलाज करा रहे हैं और सुधार की दिशा में कदम उठा रहे हैं, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जेल की सजा को उचित माना।

सुनवाई के दौरान एक पीड़ित महिला अस्पताल कर्मचारी ने भी अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। महिला ने बताया कि इस घटना के बाद उसकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। उसने कहा कि अब उसे हर बार बाथरूम जाने से पहले छिपे हुए कैमरे की जांच करने का डर रहता है। महिला ने चिंता जताई कि डिजिटल दुनिया में एक बार कोई तस्वीर या वीडियो सामने आने के बाद उसे पूरी तरह हटाना मुश्किल होता है।

इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों और मरीजों की निजता की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। वहीं, पुलिस इस मामले में आगे की जांच भी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और लोगों की भी रिकॉर्डिंग तो नहीं की गई।

अमेरिका में इस तरह के मामलों में कानून काफी सख्त हैं और अदालतें निजता से जुड़े अपराधों को गंभीरता से लेती हैं। डॉक्टर अद्वैत देशमुख के मामले में भी अदालत ने सख्त फैसला सुनाकर यह संदेश दिया है कि कार्यस्थल पर किसी की निजी जानकारी और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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