
Washington वाशिंगटन : संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन से मुलाकात की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के छोटे हिस्सों पर बातचीत जारी है।
क्वात्रा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें इंडिया हाउस में दोनों अमेरिकी अधिकारियों की मेजबानी करके सम्मानित महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। क्वात्रा ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही व्यापार समझौते पर आगे की बातचीत के लिए अमेरिका का दौरा करेगा। यह वार्ता दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फरवरी में भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने पर सहमति जताई थी।
इस बीच, व्यापार वार्ता पर वैश्विक और कानूनी घटनाओं का भी प्रभाव देखा जा रहा है। 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लागू की गई टैरिफ नीति कानूनी रूप से सही नहीं थी। इस फैसले के बाद व्यापार नीति के माहौल में बदलाव आया है।
मूल रूप से भारत और अमेरिका मार्च में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे थे, लेकिन टैरिफ व्यवस्था में बदलाव और नए वैश्विक व्यापार ढांचे के कारण यह प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नया वैश्विक टैरिफ आर्किटेक्चर लागू होने के बाद ही समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा सेक्शन 301 के तहत दो अलग-अलग जांचें भी शुरू की गई हैं। ये जांच कुछ देशों, जिनमें भारत और चीन शामिल हैं, द्वारा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कथित जबरन श्रम और अधिक उत्पादन (ओवरकैपेसिटी) से जुड़े मामलों में आयात रोकने में विफलता से संबंधित हैं।
इन सभी घटनाक्रमों के बीच भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों और वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। फिलहाल दोनों पक्ष आगे की वार्ता और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में लगातार संपर्क में हैं।





