
x
Washington वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका ने वॉशिंगटन डीसी में ड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप की पहली बैठक सफलतापूर्वक संपन्न की। इस दौरान दोनों देशों ने सिंथेटिक ओपिओइड्स, नए प्रकार के प्रीकर्सर रसायनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को दी। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत और अमेरिका ने 20 से 22 जनवरी 2026 तक वॉशिंगटन डीसी में ड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप की उद्घाटन बैठक आयोजित की। दोनों पक्षों ने सिंथेटिक ओपिओइड्स, नए प्रीकर्सर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से निपटने के लिए साझा प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही वैध व्यापार को सुगम बनाते हुए प्रभावी प्रवर्तन पर जोर दिया।”
बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उद्घाटन भाषण दिया। इस दौरान दोनों पक्षों ने अवैध ड्रग तस्करी और प्रीकर्सर रसायनों के दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए आपसी प्रयासों और निरंतर सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर बताया, “राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने राष्ट्रपति ट्रंप के ड्रग जार कार्यालय की निदेशक सारा कार्टर के साथ काउंटर-नारकोटिक्स सहयोग पर भारत-अमेरिका ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क एग्जीक्यूटिव ग्रुप बैठक को संबोधित किया। चर्चा में अवैध ड्रग तस्करी और प्रीकर्सर रसायनों के दुरुपयोग के खतरों से निपटने के लिए सक्रिय द्विपक्षीय समन्वय के माध्यम से प्रभावी और लक्षित प्रवर्तन पर जोर दिया गया।”
पिछले वर्ष जुलाई में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने अवैध ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और भारतीय अधिकारियों का आभार जताया था। दूतावास ने कहा था कि इससे अमेरिकी नागरिकों की जान बचाने में मदद मिली है। यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस पोस्ट के बाद आया था, जिसमें उन्होंने वैश्विक ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ करने पर एनसीबी और अन्य एजेंसियों को बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि भारतीय एजेंसियां क्रिप्टो भुगतान और अनाम ड्रॉप-शिपिंग जैसे आधुनिक तरीकों पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, एनसीबी और मुख्यालय संचालन इकाई ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह को ध्वस्त किया, जो एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म, ड्रॉप-शिपिंग मॉडल और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए नियंत्रित दवाओं की तस्करी कर रहा था। नई दिल्ली के बंगाली मार्केट के पास एक नियमित वाहन जांच से शुरू हुई कार्रवाई ने भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप तक फैले एक वैश्विक नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो चार महाद्वीपों और 10 से अधिक देशों में सक्रिय था।
Tagsभारत-अमेरिका ड्रग सहयोगड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुपसिंथेटिक ओपिओइड्सप्रीकर्सर रसायनडिजिटल प्लेटफॉर्मएनसीबीअंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करीक्रिप्टो भुगतानड्रॉप-शिपिंगविदेश मंत्रालय।जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





