
दक्षिण चीन सागर में चीन की चालबाजी को असफल करने के लिए हिंदुस्तान ने बड़ा कदम उठाया है। चीन के तेवर को देखते हुए हिंदुस्तान ने द्विपक्षीय रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को दर्शाते हुए वियतनाम को अपना इन-सर्विस मिसाइल कार्वेट आईएनएस कृपाण गिफ्ट किया है। ऑफिसरों की मानें तो यह पहली बार है जब हिंदुस्तान ने किसी मित्र विदेशी राष्ट्र को पूरी तरह से ऑपरेशनल कार्वेट सौंपा है
वियतनाम की आधिकारिक यात्रा पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने हिंदुस्तान के इस कदम का नेतृत्व किया। उनके ही नेतृत्व में फ्रंटलाइन युद्धपोत वियतनाम पीपुल्स नेवी को सौंपा गया। भारतीय नौसेना ने बोला कि जहाज को पूरे “हथियार पूरक” के साथ वियतनाम पीपुल्स नेवी (वीपीएन) को सौंप दिया गया है। एडमिरल कुमार ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, “आज का हैंडओवर कार्यक्रम हिंदुस्तान और वियतनाम के बीच गहरी दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा, “जो बात इस अवसर को और भी जरूरी बनाती है वह यह है कि यह पहला अवसर है जब हिंदुस्तान किसी मित्र विदेशी राष्ट्र को पूरी तरह से परिचालन वाले कार्वेट की पेशकश कर रहा है।” नौसेना प्रमुख ने बोला कि वियतनाम पीपुल्स नेवी को आईएनएस कृपाण का हस्तांतरण हिंदुस्तान के जी20 दृष्टिकोण “वसुधैव कुटुंबकम — एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के अनुरूप है।
