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भारत नेपाल की दोस्ती होगी और मजबूत, विक्रम मिस्री ने की अहम बैठक
Ratna Netam
5 Nov 2026 7:17 PM IST

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काठमांडू : 5 नवंबर 2026। भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक हुई। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से काठमांडू में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने, आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में विदेश सचिव की यह यात्रा दोनों पड़ोसी देशों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित सिंहदरबार में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नेपाल पहुंचे थे। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाना तथा प्रधानमंत्री शाह की आगामी भारत यात्रा से पहले महत्वपूर्ण द्विपक्षीय विषयों पर चर्चा करना था।बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। खुली सीमा तथा नागरिकों के बीच पारिवारिक और व्यावसायिक रिश्ते इस साझेदारी को विशेष बनाते हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच नियमित राजनीतिक और कूटनीतिक संवाद का विशेष महत्व है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले अपने नेपाली समकक्ष अमृत बहादुर राय के साथ भी विस्तृत द्विपक्षीय बैठक की थी। बुधवार को हुई इस बैठक में आपसी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों विदेश सचिवों ने आगामी उच्चस्तरीय बैठकों के संदर्भ में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की। इनमें व्यापार, ऊर्जा, संपर्क सुविधाएं, विकास परियोजनाएं और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने जैसे विषय शामिल रहे।विदेश सचिव की नेपाल यात्रा के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण मुलाकातें भी हुईं। उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले से शिष्टाचार मुलाकात की। इसके अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ और बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े मंत्री सुनील लम्साल के साथ भी बातचीत की। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी और आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। नेपाल में जलविद्युत उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं, जबकि भारत ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे के विकास में एक प्रमुख सहयोगी है। दोनों देश जलविद्युत परियोजनाओं, बिजली के व्यापार और ऊर्जा संपर्क सुविधाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। विदेश सचिव की बैठकों में इन क्षेत्रों में सहयोग को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
व्यापार और परिवहन सुविधाएं भी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। नेपाल का भारत के साथ व्यापक व्यापारिक संबंध है और बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा व्यवसाय के लिए भारत आते हैं। इसी प्रकार भारतीय पर्यटक धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए नेपाल जाते हैं। सड़क संपर्क, सीमा पार आवागमन और व्यापारिक सुविधाओं में सुधार से दोनों देशों के नागरिकों तथा व्यवसायों को लाभ मिल सकता है।बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़ा सहयोग भी चर्चा का विषय रहा। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारत की ओर से उपलब्ध कराई गई सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। नेपाली विदेश मंत्रालय से संबंधित जानकारी के अनुसार, भोटेकोशी क्षेत्र में आई बाढ़ सहित विभिन्न आपदाओं के दौरान भारत की सहायता का उल्लेख किया गया। हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में दोनों देशों का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है।भारत और नेपाल के संबंधों में सांस्कृतिक जुड़ाव भी अहम भूमिका निभाता है। दोनों देशों के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के बीच लंबे समय से संपर्क रहा है। जनकपुर, पशुपतिनाथ, लुंबिनी, वाराणसी और अयोध्या जैसे स्थल दोनों देशों के लोगों को जोड़ते हैं। पर्यटन सुविधाओं और बेहतर परिवहन संपर्क से इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री की इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों को आगे बढ़ाना भी है। मीडिया रिपोर्टों में नवंबर के अंतिम सप्ताह में यात्रा की संभावना जताई गई है। हालांकि, यात्रा की अंतिम तारीखों और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। प्रस्तावित यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेतृत्व के बीच व्यापार, ऊर्जा, विकास परियोजनाओं और संपर्क सुविधाओं पर व्यापक बातचीत की संभावना है।कूटनीतिक दृष्टिकोण से विदेश सचिव की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पड़ोसी देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क से विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और लंबित विषयों पर बातचीत आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। विशेष रूप से ऊर्जा, व्यापार और आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के साझा हित हैं।भारत के लिए नेपाल एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और क्षेत्रीय साझेदार है। वहीं नेपाल के आर्थिक विकास, व्यापारिक संपर्क और ऊर्जा क्षेत्र में भारत की भूमिका भी अहम है। दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय से सीमा पार व्यापार, परिवहन और विकास परियोजनाओं को गति मिल सकती है।फिलहाल विदेश सचिव विक्रम मिस्री और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की मुलाकात को सकारात्मक कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब दोनों देशों की नजरें नेपाल के प्रधानमंत्री की आगामी भारत यात्रा पर रहेंगी। यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने और सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में ठोस प्रगति का अवसर प्रदान कर सकती है।
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