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UN में भारत की बड़ी अपील गरीबी मिटाने को बताया सबसे जरूरी

Ratna Netam
13 Oct 2026 8:27 PM IST
UN में भारत की बड़ी अपील गरीबी मिटाने को बताया सबसे जरूरी
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नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के लिए वैश्विक सहयोग और संसाधनों को मजबूत करने की अपील की है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा की दूसरी समिति में सतत विकास पर आयोजित चर्चा के दौरान भारत ने कहा कि गरीबी उन्मूलन वैश्विक विकास प्रयासों के केंद्र में होना चाहिए। भारत की ओर से काउंसलर सौम्या नायर ने विकासशील देशों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया।
सौम्या नायर ने कहा कि वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अधिक प्रभावी कदम उठाने होंगे। खासकर विकासशील देशों को वित्तीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना जरूरी है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गरीबी का उन्मूलन केवल किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग से जुड़ा महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
गरीबी मिटाने के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा कि सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए गरीबी उन्मूलन को प्राथमिकता देना आवश्यक है।विकासशील देशों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आर्थिक संसाधनों की जरूरत होती है।भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन देशों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग मजबूत करने की अपील की।संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में गरीबी समाप्त करना, भूख मिटाना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और जलवायु परिवर्तन से निपटना शामिल है।भारत ने कहा कि इन लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए सभी देशों के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है।
विकासशील देशों को तकनीकी सहायता की जरूरत
भारत की प्रतिनिधि सौम्या नायर ने विकासशील देशों की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है।इन लक्ष्यों को जमीन पर लागू करने के लिए वित्तीय सहायता, आधुनिक तकनीक और कुशल मानव संसाधन आवश्यक हैं।उन्होंने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण को विशेष महत्व दिया।तकनीकी सहायता से विकासशील देश ऊर्जा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को मजबूत कर सकते हैं।भारत ने वैश्विक विकास प्रयासों में समान अवसर और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई।
स्वच्छ ऊर्जा में भारत ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में अपनी प्रगति की जानकारी भी दी।सौम्या नायर ने बताया कि देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत तक पहुंच गई है।इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा जैसे स्रोत शामिल हैं।गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का विस्तार भारत के ऊर्जा परिवर्तन प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।हालांकि, स्थापित उत्पादन क्षमता में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी का अर्थ यह नहीं है कि देश की कुल बिजली उत्पादन मात्रा का 55 प्रतिशत इन स्रोतों से प्राप्त हो रहा है। दोनों अलग-अलग मापदंड हैं।
2030 में वैश्विक आपदा सम्मेलन की मेजबानी की पेशकश
भारत ने आपदा प्रबंधन और आपदा जोखिम कम करने के क्षेत्र में अपनी भूमिका को भी रेखांकित किया।सौम्या नायर ने बताया कि भारत ने वर्ष 2030 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर चौथे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन की मेजबानी करने की पेशकश की है।उन्होंने देश की पूर्व चेतावनी प्रणालियों और आपदा से निपटने की तैयारियों का उल्लेख कियाभारत बाढ़, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देने के लिए तकनीकी प्रणालियों का उपयोग करता है।भारत के संयुक्त राष्ट्र स्थायी मिशन के अनुसार, देश आपदा जोखिम न्यूनीकरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी साझेदारी और क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का भी किया जिक्र
भारत ने वैश्विक स्तर पर संचालित अपनी प्रमुख साझेदारी पहलों को भी सामने रखा।इनमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन शामिल हैं।इन पहलों का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, मजबूत बुनियादी ढांचे का विकास करना और देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाना है।भारत ने छोटे द्वीपीय विकासशील देशों की आवश्यकताओं के प्रति भी अपना समर्थन दोहराया। ऐसे देशों के सामने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और सीमित संसाधनों से जुड़ी विशेष चुनौतियां हैं।
2030 के लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में स्पष्ट किया कि सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति तेज करने के लिए वैश्विक संसाधनों और उन्हें लागू करने की व्यवस्थाओं को मजबूत करना आवश्यक है।गरीबी उन्मूलन, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी सहयोग और आपदा प्रबंधन भारत की ओर से उठाए गए प्रमुख विषय रहे।भारत ने कहा कि विकासशील देशों को पर्याप्त वित्तीय और तकनीकी सहयोग मिलने से सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।संयुक्त राष्ट्र में भारत का यह संदेश वर्ष 2030 तक गरीबी कम करने, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर केंद्रित रहा।
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