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Lahore लाहौर। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हाल ही में मुक्त व्यापार समझौता हुआ है, जिसे सभी 'मदर्स ऑफ ऑल डील' कहा जा रहा है। इस डील को लेकर सभी 27 देशों में उत्साह के साथ-साथ पाकिस्तान में भी हलचल देखने को मिली। ताजा जानकारी में पाकिस्तानी मीडिया ने पूर्व फेडरल कॉमर्स मिनिस्टर गौहर एजाज के हवाले से बताया कि भारत और ईयू के एफटीए डील का असर पाकिस्तान में देखने को मिलेगा। पूर्व पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि इस डील के असर ने भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट पर गंभीर चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि इससे पाकिस्तान में एक करोड़ से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी को खतरा हो सकता है।
पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि लाहौर में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व पाक मंत्री एजाज ने कहा कि भारत-ईयू ट्रेड डील पाकिस्तान के इंडस्ट्रियल सेक्टर, खासकर टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा खतरा है। पाकिस्तान के लिए टेक्सटाइल इंडस्ट्री वहां पर एक्सपोर्ट की रीढ़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस समझौते से पाकिस्तान के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को काफी नुकसान हो सकता है। पूर्व मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट सालाना लगभग 9 बिलियन डॉलर का है। एजाज ने कहा कि पाकिस्तान को पहले ईयू में तरजीही व्यापार एक्सेस का फायदा मिला था, लेकिन वे खास रियायतें अब खत्म हो गई हैं। नए अरेंजमेंट के तहत, जीरो-टैरिफ एक्सेस सभी क्षेत्रीय देशों तक बढ़ाया जाएगा। इससे पाकिस्तान का पहले का फायदा खत्म हो जाएगा और प्रतियोगिता भी बढ़ जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट, एनर्जी की कमी और ज्यादा टैक्स ने पहले ही पाकिस्तान के उद्योग की प्रतियोगिता को कमजोर कर दिया है। ऐसे में अगर तुरंत यहां की नीतियों में दखल नहीं दिया गया, तो कारखानों और उद्योगों को बंद होना पड़ सकता है। इसकी वजह से पूरे देश में बड़े पैमाने पर नौकरियां जा सकती हैं। हालांकि, भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच इस डील ने बांग्लादेश की टेंशन भी बढ़ा दी है। भारत-यूरोपीय संघ के बीच मंगलवार को हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) देश के अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स जैसे लेदर एंड फुटवियर, जेम्स एवं ज्वेलरी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए बड़ी सौगात लेकर आया है। अब यह सेक्टर जीरो ड्यूटी पर यूरोप के 27 देशों में आसानी से निर्यात कर पाएगा।
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