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India-China : बीजिंग में एलएसी पर शांति और सहयोग पर चर्चा

Uma Verma
26 March 2025 9:00 AM IST
India-China : बीजिंग में एलएसी पर शांति और सहयोग पर चर्चा
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वर्ल्ड | भारत और चीन के बीच बीजिंग में हाल ही में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और सहयोग स्थापित करने के उपायों पर चर्चा की। इस वार्ता के दौरान, दोनों देशों ने आपसी विश्वास को बढ़ाने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वार्ता का उद्देश्य और मुख्य मुद्दे

बीजिंग में हुई इस वार्ता का उद्देश्य भारत-चीन रिश्तों में सुधार लाना और LAC पर किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को सीमित करने के उपायों पर विचार करना था। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद, इस वार्ता ने उम्मीद जताई कि सहयोग की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। विशेष रूप से, सीमा पर शांति बनाए रखने और दोनों देशों के सैनिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए पहल की गई।

भारत और चीन के बीच यह वार्ता एक ऐसे समय में हुई है, जब LAC पर लगातार सैन्य गतिवि‍धियां बढ़ रही थीं और दोनों देशों के बीच तनाव गहरा हो गया था। इस वार्ता में, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एलएसी पर सभी प्रकार के सैन्य संघर्षों और झड़पों को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वार्ता में प्रमुख बिंदु

भारत और चीन के प्रतिनिधियों ने इस वार्ता के दौरान कुछ अहम बिंदुओं पर चर्चा की। इनमें से एक था, दोनों देशों के सैनिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उपाय। इसके तहत, दोनों देशों ने सीमा पर स्थिति की निगरानी बढ़ाने और आपसी सहयोग से सुरक्षा को मजबूत करने की योजना बनाई। इसके अलावा, दोनों देशों ने आपसी शांति बनाए रखने के लिए पारदर्शिता बढ़ाने और विश्वास निर्माण के कदम उठाने की आवश्यकता जताई।

इसके अलावा, दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को भी बढ़ावा देने की दिशा में विचार किया। चीन और भारत दोनों ही एशिया के सबसे बड़े आर्थिक दिग्गज हैं, और दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों की आवश्यकता है। यह भी सुनिश्चित किया गया कि कूटनीतिक वार्ता से अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता आएगी।

भारत का दृष्टिकोण

भारत ने इस वार्ता के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि वह चीन के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर संबंध चाहता है, लेकिन इसके लिए LAC पर शांति और सुरक्षा का बनाए रखना अनिवार्य है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के रिश्तों में सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिए सैनिकों के बीच संवाद और आपसी समझ बढ़ाना जरूरी है।

भारत ने इस वार्ता में चीन से यह भी अनुरोध किया कि वह अपने सैन्य बलों को एलएसी के पास से पीछे हटाए और सीमा पर बढ़ती सैनिकों की तैनाती पर अंकुश लगाए। भारत का कहना है कि एलएसी पर किसी भी प्रकार के तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों को मिलकर कदम उठाने की आवश्यकता है।

चीन का दृष्टिकोण

चीन ने इस वार्ता में सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए भारत के साथ सहयोग करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। चीनी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे भारत के साथ दीर्घकालिक शांति की ओर बढ़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह जरूरी है कि दोनों देशों के बीच विश्वास का निर्माण हो। चीन का कहना था कि दोनों देशों को सीमा पर अधिक समझौते और सैन्य संयम बनाए रखने के लिए विशेष उपायों पर सहमति जतानी चाहिए।

चीन ने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक रवैया दिखाया और कहा कि दोनों देशों को आपसी लाभ के लिए व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करना चाहिए। इसके साथ ही, चीन ने एलएसी पर शांति बनाए रखने की दिशा में भारत के साथ कदम उठाने की बात की।

आगे की दिशा

भारत और चीन के बीच यह वार्ता एक सकारात्मक कदम साबित हो सकती है यदि दोनों देश अपने-अपने दृष्टिकोणों को समझकर एक दूसरे के साथ सहयोग करने की दिशा में काम करें। एलएसी पर शांति बनाए रखने और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर सहमति बनने से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार हो सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ सकती है।

हालांकि, यह देखा जाना बाकी है कि इस वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच किसी ठोस समझौते पर पहुंचा जाता है या नहीं, लेकिन यह वार्ता एक संकेत है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को और भी मजबूत किया जा सकता है।


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