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बाकू। भारत और अज़रबैजान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण राजनयिक मुलाकात हुई। अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने भारत के नवनियुक्त राजदूत अभय कुमार से मुलाकात की। इस दौरान भारतीय राजदूत ने राष्ट्रपति को अपना परिचय पत्र सौंपा और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में भारत और अज़रबैजान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा राजनयिक संबंधों पर भी चर्चा हुई।अज़रबैजान के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने भारतीय राजदूत अभय कुमार का स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
राष्ट्रपति अलीयेव को सौंपा परिचय पत्र
भारतीय राजदूत अभय कुमार ने राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव को औपचारिक रूप से अपना परिचय पत्र प्रस्तुत किया। यह प्रक्रिया किसी देश में नवनियुक्त राजदूत की राजनयिक जिम्मेदारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण औपचारिकता होती है।मुलाकात के दौरान अभय कुमार ने कहा कि वह भारत और अज़रबैजान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाने की इच्छा व्यक्त की।अभय कुमार ने सोशल मीडिया पर भी राष्ट्रपति अलीयेव को परिचय पत्र सौंपने की जानकारी साझा की और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति अलीयेव की मुलाकात का हुआ जिक्र
बैठक के दौरान सितंबर 2026 में किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के बीच हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया गया।दोनों नेताओं के बीच हुए संपर्क को भारत-अज़रबैजान संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया।शुक्रवार की बैठक में दोनों पक्षों ने उच्चस्तरीय संपर्क और आपसी संवाद के महत्व पर जोर दिया।भारत और अज़रबैजान के बीच राजनीतिक तथा राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी रखने से भविष्य में सहयोग के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों पर जोर
राष्ट्रपति अलीयेव और भारतीय राजदूत अभय कुमार की मुलाकात में दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का विशेष उल्लेख किया गया।बैठक के दौरान कहा गया कि भारत और अज़रबैजान के लोगों के बीच हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक संपर्क रहे हैं।इन ऐतिहासिक संबंधों को आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण आधार माना गया।दोनों पक्षों ने इस बात पर विचार साझा किए कि किस प्रकार पारंपरिक संबंधों को आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाया जा सकता है।
व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं
मुलाकात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई।भारत और अज़रबैजान के बीच व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं मौजूद हैं।राजनयिक संपर्क मजबूत होने से दोनों देशों के व्यापारिक संगठनों और अन्य संस्थाओं के बीच संवाद को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।हालांकि, शुक्रवार की बैठक के संबंध में किसी नए व्यापारिक समझौते या परियोजना की घोषणा नहीं की गई है।
पिछले महीने उप विदेश मंत्री से मिले थे अभय कुमार
भारतीय राजदूत अभय कुमार ने सितंबर में अज़रबैजान के उप विदेश मंत्री एलनूर मम्मादोव से भी मुलाकात की थी।उस बैठक के दौरान भारत और अज़रबैजान के बीच आपसी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी।नई दिल्ली और बाकू के बीच राजनयिक बातचीत को आगे बढ़ाने की दिशा में यह संपर्क महत्वपूर्ण रहा।उप विदेश मंत्री के साथ मुलाकात के बाद राष्ट्रपति अलीयेव को परिचय पत्र सौंपना अभय कुमार की नई राजनयिक जिम्मेदारी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है।
द्विपक्षीय संबंधों में नई संभावनाओं पर नजर
भारत और अज़रबैजान के संबंध ऐतिहासिक संपर्कों के साथ वर्तमान राजनयिक जरूरतों पर भी आधारित हैं।दोनों देशों के बीच नियमित संवाद व्यापारिक, सांस्कृतिक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।भारतीय राजदूत अभय कुमार ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रयास दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाना रहेगा।राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ हुई इस मुलाकात को भारत और अज़रबैजान के बीच राजनयिक संपर्कों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी।
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