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भारत फिनलैंड कारोबार दोगुना करने की तैयारी FTA से बढ़ेंगी संभावनाएं
Ratna Netam
5 Oct 2026 2:17 PM IST

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नई दिल्ली: भारत और फिनलैंड के बीच आर्थिक रिश्तों को आने वाले समय में नई गति मिलने की उम्मीद है। फिनलैंड को भारत के साथ मौजूदा करीब 3 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की बड़ी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। भारत में फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक और कारोबारी संबंधों को ठोस आर्थिक अवसरों में बदलने में प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राजदूत मिक्को किविकोस्की ने कहा है कि भारत और फिनलैंड के नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। उनका मानना है कि आने वाला भारत-यूरोपीय संघ FTA दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को विस्तार देने के लिए जरूरी राजनीतिक और आर्थिक ढांचा उपलब्ध करा सकता है। इससे कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुंच आसान होने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
भारत और फिनलैंड के संबंध पिछले कुछ वर्षों में व्यापार और निवेश से आगे बढ़कर तकनीक, नवाचार, हरित ऊर्जा और आधुनिक उद्योगों जैसे क्षेत्रों तक पहुंचे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने की संभावनाएं केवल मौजूदा कारोबार तक सीमित नहीं मानी जा रही हैं। फिनलैंड की कंपनियों के लिए भारतीय बाजार का आकार और विकास की गति आकर्षक अवसर पेश करती है, जबकि भारत के लिए फिनलैंड की तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राजदूत के बयान में भारत और फिनलैंड के बीच मौजूदा व्यापारिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने पर जोर दिया गया। करीब 3 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार दोनों देशों के बीच आर्थिक संपर्क की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है। अब इसे दोगुना करने का लक्ष्य कारोबार के नए क्षेत्रों की पहचान, निवेश बढ़ाने और व्यापारिक बाधाओं को कम करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देता है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भी दोनों पक्षों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। फिनलैंड के राजदूत के अनुसार, यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने का जरिया नहीं होगा, बल्कि दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार कर सकता है। FTA के जरिए व्यापारिक नियमों को अधिक स्पष्ट बनाने, बाजार पहुंच बढ़ाने और कंपनियों के लिए सीमा पार कारोबार को आसान बनाने जैसे क्षेत्रों में मदद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
यूरोपीय बाजार के साथ भारत के व्यापारिक रिश्तों में व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में भारत और यूरोपीय संघ के बीच किसी भी व्यापक व्यापार समझौते का असर सदस्य देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर भी पड़ सकता है। फिनलैंड इस प्रक्रिया को अपने और भारत के बीच मौजूदा संबंधों को व्यावसायिक अवसरों में बदलने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देख रहा है।
भारत और फिनलैंड के बीच तकनीकी सहयोग की भी लंबी संभावनाएं हैं। फिनलैंड को नवाचार, डिजिटल तकनीक, दूरसंचार, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास से जुड़े क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले देशों में गिना जाता है। वहीं भारत तेजी से डिजिटल बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, ऊर्जा परिवर्तन और नई तकनीकों पर काम कर रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में नए क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं।
फिनलैंड के लिए भारत सिर्फ एक बड़ा उपभोक्ता बाजार ही नहीं, बल्कि एशिया में कारोबार विस्तार के लिए महत्वपूर्ण साझेदार भी हो सकता है। दूसरी ओर, भारत के लिए यूरोपीय देशों के साथ मजबूत कारोबारी संबंध तकनीक, निवेश और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी को बढ़ाने में उपयोगी हो सकते हैं। इस लिहाज से द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य व्यापक आर्थिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
राजदूत मिक्को किविकोस्की ने उम्मीद जताई कि FTA दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूती देगा। उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि फिनलैंड भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को केवल मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के बजाय उन्हें और विस्तारित करना चाहता है। इसके लिए दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने और संभावित निवेश के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।
भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ते रिश्तों में निजी क्षेत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। यदि व्यापारिक माहौल अधिक अनुकूल होता है और दोनों देशों के बीच बाजार पहुंच आसान होती है, तो कंपनियों के लिए नए उत्पादों, सेवाओं और निवेश परियोजनाओं की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रस्तावित FTA को दोनों देशों के कारोबारी संबंधों के लिए महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, फिनलैंड की ओर से भारत के साथ करीब 3 अरब अमेरिकी डॉलर के मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की इच्छा दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। भारत-यूरोपीय संघ FTA को लेकर फिनलैंड की उम्मीदें भी इसी दिशा में हैं। आने वाले समय में इस समझौते की प्रगति, व्यापारिक नियमों में संभावित बदलाव और नए निवेश अवसर यह तय करने में अहम होंगे कि भारत और फिनलैंड अपने द्विपक्षीय व्यापार को तय लक्ष्य तक कितनी तेजी से पहुंचा पाते हैं।
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