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महिलाओं के मामले में मुकरा तालिबान, बरसाए कोड़े, UN प्रमुख ने कही ये बात

Gulabi
13 Sep 2021 1:21 PM GMT
महिलाओं के मामले में मुकरा तालिबान, बरसाए कोड़े, UN प्रमुख ने कही ये बात
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की प्रमुख मिशेल बाचेलेत ने कहा है

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की प्रमुख मिशेल बाचेलेत ने कहा है कि तालिबान ने महिलाओं के मामले में अपने वादों को पूरा नहीं किया है। उन्होंने मानवाधिकार परिषद को बताया कि तालिबान के कब्जे के बाद उसके द्वारा की गई बातों से जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। तालिबान के शासन में महिलाएं, अल्पसंख्यक, जातीय और धार्मिक समुदाय अपने अधिकारों के प्रति चिंतित हैं। पिछले तीन सप्ताह के तालिबान के कार्य निराश करने वाले हैं। तालिबान ने कहा था कि वह महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण करेगा, लेकिन ऐसा हकीकत में नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने पूर्व सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों को आम माफी के वादे को भी पूरा नहीं किया है।

काम पर लौटने से महिलाओं को जबरन रोका जा रहा
एएनआइ के अनुसार पूर्व की सरकार में नौकरी कर रही महिलाओं को अब तालिबान काम पर लौटने से जबरन रोक रहा है। अब महिलाएं यहां सरकार से वापसी का अधिकार मांग रही हैं। भारत से विधि स्नातक शगुफा नाजिबी ने बताया कि वह दस साल से अफगान संसद में काम कर रही हैं। जब वह काम पर लौटीं तो उन्हें डरा-धमकाकर वापस लौटा दिया गया। अफगान सरकार के आंकड़ों के मुताबिक पांच हजार से ज्यादा महिलाएं तो मिलिट्री सेक्टर में ही काम करती हैं। कामकाजी महिलाओं को अब घर में ही रहने का फरमान दिया जा रहा है।
महिला डाक्टर के घर में घुसकर जबर्दस्त तोड़फोड़ की
बता दें कि तालिबान ने सरकार बनते ही क्रूरता की सारी हदों को पार कर दिया है। कंधार में एक महिला डाक्टर के घर में घुसकर तालिबान ने जबर्दस्त तोड़फोड़ की, महिला और उसके परिवार को कई घंटे तक यातना दीं। बाद में उसके परिवार के चार सदस्यों और एक पड़ोसी को उठा ले गए। एक अन्य घटना में महिलाओं के प्रदर्शन में भाग लेने पर एक अधिकार कार्यकर्ता की बेरहमी से पिटाई की, उस पर कोड़े बरसाए। कंधार की रहने वाली महिला डाक्टर फाहिमा रहमती शहर की बड़ी डाक्टर और अधिकार कार्यकर्ता हैं। वह चैरिटी के लिए होप फाउंडेशन संस्था चलाती हैं। इस संस्था के माध्यम से वह गरीब लोगों की मदद करती हैं। इनके घर में अचानक तालिबान ने धावा बोल दिया। घटना के संबंध में एक अधिकार कार्यकर्ता ने वीडियो वायरल किया है।
फाहिमा का वीडियाे हुआ वायरल
इस वीडियो में फाहिमा ने पूरी घटना की जानकारी दी है। इस वीडियो में उनके घर में जबर्दस्त तोड़फोड़ भी दिखाई दे रही है। डा. फाहिमा ने बताया कि उनके घर अचानक तालिबान के लोग घुस आए। पहले उन्होंने घर में जबर्दस्त तोड़फोड़ की। उनके साथ मारपीट करते रहे। इसके बाद घर में मौजूद उनके दो भाई, देवर और एक पड़ोसी को पकड़कर क्रूर व्यवहार किया और बुरी तरह मारा पीटा। बाद में इन चारों लोगों का अपहरण कर लिया। महिला डाक्टर का कहना है कि न तो वह सरकारी अधिकारी हैं और न ही उनके यहां कोई सरकारी अधिकारी मौजूद था। इसके बाद भी पूर्व सुरक्षा अधिकारियों की यहां मौजूदगी का आरोप लगाकर उनके पूरे घर को निशाना बनाया गया। एएनआइ के अनुसार कंधार के इंटेलीजेंस प्रमुख रहमतुल्लाह ने कहा है कि पूर्व सुरक्षा अधिकारियों के वहां ठहरने की सूचना पर छापा मारा गया था।
कार्यकर्ता हबीबुल्लाह फरजाद पर तालिबान ने कोड़े बरसाए
इधर काबुल में महिलाओं के प्रदर्शन में भाग लेने पर एक अधिकार कार्यकर्ता हबीबुल्लाह फरजाद पर तालिबान ने कोड़े बरसाए और उसे मार-मारकर लहूलुहान कर दिया। अफगानिस्तान में तालिबान अब अधिकार कार्यकर्ताओं पर कहर बरपा रहा है। फरजाद ने बताया कि तालिबान ने मुझे कमरे में बंद कर कोड़े बरसाए और मरणासन्न समझकर पटक गए। इसके पहले एक महिला अधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार सायरा सलीम के साथ भी तालिबान ने बुरी तरह मारपीट की थी,
सत्‍ता में आने से पहले तालिबान ने बताया था कैसा होगा उनका शासन
1. अफगानिस्‍तान में महिलाओं की आजादी पर उन्‍होंने कहा कि शरिया कानून के तहत वह स्‍वतंत्र होगीं। शरिया कानून के तहत उन्‍हें आजादी और अधिकार प्रदान किए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि महिलाएं स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र में काम करने के लिए स्‍वतंत्र होंगी। इसके पहले के तालिबान शासन में महिलाओं को इस तरह के अधिकार नहीं थे।
2- प्रवक्‍ता ने जोर देकर कहा कि किसी भी आतंकवादी संगठन को अफगानिस्‍तान की धरती का इस्‍तेमाल नहीं करने देंगे। उन्‍होंने कहा कि अफगानिस्‍तान की धरती का इस्‍तेमाल किसी भी देश के खिलाफ साजिश रचने या हमला करने में नहीं होने दिया जाएगा। बता दें अफगानिस्‍तान सीमा से सटे हुए भारत समेत दुनिया के कई मुल्‍कों को यह भय सता रहा है कि तालिबान के अस्तित्‍व के बाद सरहद पर आतंकवाद पनप सकता है।
3- अफगान सैनिकों के साथ या अफगान सरकार के सदस्‍यों से बदला नहीं लिया जाएगा। तालिबान शासन उन्‍हें माफ करती है। उन्‍होंने कहा कि किसी दूतावास या संस्‍था को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। उनकी पूरी सुरक्षा होगी। अफगानिस्‍तान में कोई किसी का अपहरण नहीं करेगा।
4- देश में मीडिया की आजादी पर उन्‍होंने कहा कि मीडिया को स्‍वतंत्र रूप से काम करने की आजादी होगी। प्रवक्‍ता ने कहा कि देश में काम करने वाले पत्रकारों को अफगानिस्‍तान के मूल्‍यों का पूरा ध्‍यान रखना होगा। हालांकि, मीडिया में महिलाओं के प्रवेश पर वह मौन रहे। इसके पूर्व तालिबान शासन में मीडिया को किसी तरह की आजादी नहीं थी
5- देश की अर्थव्‍यवस्‍था को सुधारा जाएगा। लोगों के जीवन स्‍तर में सुधार किया जाएगा। तालिबान की पहली प्राथ‍मिकता कानून व्‍यवस्‍था को लागू करने की है, ताकि देश शांति और स्थिरता कायम हो सके। नागरिकों को यह भरोसा दिलाया गया है कि उन्‍हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। प्रवक्‍ता ने जोर देकर कहा कि अशरफ गनी की सरकार किसी को सुरक्षा नहीं प्रदान कर सकी, लेकिन तालिबान सबको सुरक्षा प्रदान करेगा।
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