
वर्ल्ड | दक्षिण कोरिया में राजनीतिक हलचल के बीच प्रधानमंत्री हान के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को संसद ने खारिज कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही कार्यवाहक राष्ट्रपति की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इस कदम ने राष्ट्रपति येओल के लिए नई चुनौतियों को जन्म दिया है, क्योंकि उनकी स्थिति अभी भी संकट में बनी हुई है।
दक्षिण कोरिया की संसद में प्रधानमंत्री हान के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर बहस हुई, लेकिन अंततः इसे खारिज कर दिया गया। हान के खिलाफ यह प्रस्ताव उनके शासन के दौरान कुछ विवादित फैसलों और कार्यों के कारण पेश किया गया था, लेकिन संसद ने उन्हें राहत दी। हालांकि, इसके बाद राष्ट्रपति येओल के खिलाफ संकट गहरा हो गया है।
राष्ट्रपति येओल की मुसीबतें अब भी जारी हैं, क्योंकि उनकी सरकार पर कई आंतरिक विवाद और आलोचनाएं बढ़ती जा रही हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति के पद पर नियुक्ति का यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार में सत्ता संघर्ष बढ़ता जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि येओल के लिए आने वाले समय में और मुश्किलें हो सकती हैं, खासकर जब उनके विपक्षी दलों का दबाव बढ़ता जा रहा है। दक्षिण कोरिया में वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता ने पूरे देश में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है, और यह स्थिति आने वाले दिनों में और भी जटिल हो सकती है।





