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हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को बनाया निशाना, दो एयरपोर्ट पर हमले से हड़कंप

nidhi
8 Oct 2026 8:05 AM IST
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को बनाया निशाना, दो एयरपोर्ट पर हमले से हड़कंप
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सऊदी अरब और यमन में बढ़ा तनाव
रियाद: सऊदी अरब के दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हूती विद्रोहियों के हमलों से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दक्षिणी सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 लोग घायल हुए हैं। इन हमलों की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण क्षेत्र में हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार, 7 अक्टूबर को इन हमलों में हुई जनहानि की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिलाओं की मौत हुई। इस हमले में 28 अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले में एक सूडानी नागरिक की जान चली गई और आठ लोग घायल हुए। सऊदी अधिकारियों ने हवाई अड्डों पर हुई मौतों की पुष्टि की है। हालांकि, प्रारंभिक बयान में इन हमलों के लिए सीधे तौर पर किसी संगठन का नाम नहीं लिया गया था। दूसरी ओर हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
इस बीच यमन में भी संघर्ष तेज हो गया है। हूती विद्रोहियों ने बुधवार को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। इस हमले के कारण विमानों का आवागमन बाधित हुआ। सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच हवाई यातायात प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। यमन की सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच कई इलाकों में भीषण संघर्ष जारी है। सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों ने हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने के लिए सैन्य अभियान तेज किया है। वहीं, सऊदी अरब के लड़ाकू विमान भी हूती ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।
संघर्ष का प्रमुख केंद्र बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और लाल सागर के तटीय इलाके बने हुए हैं। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के सप्ताहों में हूती लड़ाकों ने इस क्षेत्र के कुछ रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा करने का दावा किया है। सऊदी समर्थित सेना इन इलाकों में दोबारा नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास कर रही है। लगातार बढ़ते हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है।
यमन में लंबे समय से जारी गृहयुद्ध ने पहले ही गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एजेंसियों के अनुसार, हालिया हिंसा के कारण दो लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों से नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता पहुंचाने की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
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