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सऊदी अरब पर हूती हमले, यमन के तैज में घेराबंदी से नागरिकों की बढ़ीं मुश्किलें

nidhi
14 Oct 2026 7:30 AM IST
सऊदी अरब पर हूती हमले, यमन के तैज में घेराबंदी से नागरिकों की बढ़ीं मुश्किलें
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हूतियों ने तैज पर बढ़ाया दबाव, आपूर्ति मार्ग प्रभावित

नई दिल्ली : यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते संघर्ष के साथ तैज शहर में भी लड़ाई तेज हो गई है। एक ओर हूती सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, दूसरी ओर यमन के भीतर सरकारी बलों के नियंत्रण वाले तैज पर दबाव बढ़ा रहे हैं। शहर के आसपास घेराबंदी और गोलाबारी की खबरों ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन भी यमन में हूती ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।

तैज यमन के प्रमुख शहरों में शामिल है और लंबे समय से संघर्ष की मार झेल रहा है। हूती बलों की बढ़ती गतिविधियों से शहर तक पहुंचने वाले रास्तों और जरूरी आपूर्ति पर असर पड़ा है। तैज को अदन से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग के बाधित होने की जानकारी सामने आई है। इसके कारण भोजन, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के लिए शहर से बाहर निकलना और राहत सामग्री पहुंचाना भी कठिन हो रहा है।
शहर के आसपास सरकारी बल और हूती लड़ाके आमने-सामने हैं। घेराबंदी कड़ी होने के साथ कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने का प्रयास कर रहे हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, तैज में खाद्य सामग्री और ईंधन की कमी तथा कीमतों में बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है। अस्पतालों पर भी दबाव है। आपूर्ति मार्ग सीमित होने से राहत प्रयास प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी बल हूती हमलों को रोकने और शहर तक पहुंचने वाले रास्ते खुलवाने के लिए लड़ रहे हैं। तैज के रिहायशी क्षेत्रों में गोलाबारी से नागरिक हताहत होने की खबरें भी सामने आई हैं। एक यमनी अधिकार समूह के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई और 17 अन्य घायल हुए। सरकारी बलों द्वारा तैज के आसपास हूती ठिकानों पर हवाई हमले करने की जानकारी भी दी गई है। हताहतों का यह आंकड़ा संबंधित अधिकार समूह की रिपोर्ट पर आधारित है।
सऊदी अरब में हूती हमलों का प्रमुख निशाना रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना है। दस अक्टूबर को हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर आई थी। हमले के बाद उड़ानें रद्द और डायवर्ट हुईं। इसके बाद भी सऊदी अरब पर नए हमलों की जानकारी सामने आई है। हवाई अड्डे पर परिचालन का निलंबन 17 अक्टूबर तक बढ़ाए जाने की रिपोर्ट है।
तेल प्रतिष्ठानों तक भी संघर्ष का असर पहुंचा है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, अरामको परिसर के एक प्रशासनिक भवन में हमले के बाद सीमित आग लगी। इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी गई। सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र की ओर मिसाइल और ड्रोन हमलों की रिपोर्टों के बीच वायु रक्षा कार्रवाई भी हुई। जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हूती ठिकानों को निशाना बनाया।
गठबंधन ने आरोप लगाया कि हूती तेल सुविधाओं का इस्तेमाल हथियार रखने के लिए कर रहे हैं। हूती पक्ष ने संबंधित ठिकानों के सैन्य उपयोग से इनकार किया है। हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच नागरिक प्रतिष्ठानों तथा आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। यमन में ईंधन की उपलब्धता को लेकर भी आशंकाएं सामने आई हैं। इन दावों में संबंधित पक्षों के आरोप और प्रतिवाद शामिल हैं।
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