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होर्मुज संकट: क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल और गैस?

Saba Naaz
9 July 2026 8:55 PM IST
होर्मुज संकट: क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल और गैस?
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नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारत के कच्चे तेल आयात पर फिलहाल बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, अगर क्षेत्र में लंबे समय तक अस्थिरता बनी रहती है तो एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और इसकी कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

ऊर्जा बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने तेल आयात स्रोतों में विविधता बढ़ाई है, जिससे किसी एक मार्ग पर निर्भरता कम हुई है। केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया ने बताया कि तनाव बढ़ने से पहले भी होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल की आवाजाही पूरी तरह सामान्य नहीं थी, लेकिन भारत की तेल कंपनियों ने वैकल्पिक स्रोतों से आयात कर स्थिति को काफी हद तक संभाला है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 100 दिनों में भारत के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रही है। तेल शोधन कंपनियों ने अलग-अलग देशों से आयात बढ़ाकर संभावित जोखिमों को कम किया है। भारत दुनिया के बड़े तेल आयातकों में शामिल है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर केवल कच्चे तेल तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी देशों से आने वाली एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में किसी भी लंबे संकट का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। हालांकि, भारत सरकार और तेल कंपनियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं।

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