
New Delhi नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को एक अहम सरकारी आदेश जारी करते हुए पाकिस्तान में रहने वाले 23 लोगों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत “आतंकवादी” घोषित कर दिया है। ये सभी लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, इन व्यक्तियों की गतिविधियों को देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इन लोगों की भूमिका आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क को मजबूत करने, फंडिंग और अन्य गतिविधियों में पाई गई है।
गौरतलब है कि अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट, 1967 (UAPA) केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां आतंकवाद से जुड़ी पाई जाती हैं, तो उसे आधिकारिक रूप से “आतंकवादी” घोषित किया जा सकता है। इसी कानून के तहत यह कार्रवाई की गई है।
#BREAKING: India’s Modi Government designates 23 individuals based in Pakistan, linked to Jaish e Muhammad, Lashkar e Tayyiba and other terror organisations, as 'terrorists' under UAPA. Terrorists linked to major terror attacks in India in past few years as well as infiltration. pic.twitter.com/ctQrKIFzho
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) July 4, 2026
सरकारी आदेश में कहा गया है कि इस सूची में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवाद के वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क को कमजोर करना है। इसके तहत उनके आर्थिक स्रोतों पर रोक लगाई जा सकती है और संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
इस फैसले के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन व्यक्तियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करने के अधिकार मिल जाएंगे। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) इनकी फंडिंग, संपत्तियों और नेटवर्क की जांच कर सकेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लॉक या सीज किया जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, यह सूची लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहे लोगों के आधार पर तैयार की गई है। इन पर भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकी संगठनों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं।
गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा और उनकी गतिविधियों को कमजोर करने में मदद मिलेगी। इससे वित्तीय और तकनीकी सपोर्ट सिस्टम पर भी असर पड़ेगा।
इस आदेश के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन सभी व्यक्तियों की संपत्तियों की पहचान करने, बैंक खातों की जांच करने और किसी भी तरह की आर्थिक गतिविधि पर रोक लगाने की प्रक्रिया तेज करने का अधिकार मिल गया है।
सरकारी स्तर पर कहा गया है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकी संगठनों की कमर तोड़ने के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और सख्ती से प्रस्तुत कर रहा है।
कुल मिलाकर, गृह मंत्रालय का यह निर्णय आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तान में मौजूद 23 लोगों को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किए जाने से सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक अधिकार मिलेंगे और आतंकी नेटवर्क पर और अधिक प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।





