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पत्नी की तस्वीरें शेयर करने वाले पति का हुआ ये अंजाम

Ratna Netam
15 Sept 2026 7:51 PM IST
पत्नी की तस्वीरें शेयर करने वाले पति का हुआ ये अंजाम
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लंदन। ब्रिटेन से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने लोगों को झकझोर दिया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के स्टॉकपोर्ट इलाके के 60 साल से अधिक उम्र के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को उसकी जानकारी के बिना नशीला पदार्थ देकर वर्षों तक यौन शोषण करने से जुड़े गंभीर अपराध अदालत में स्वीकार कर लिए हैं। मामला करीब दो दशक से अधिक समय तक फैला हुआ है और अब आरोपी ने कुल **60 आपराधिक आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया है।
मामले की सुनवाई मैनचेस्टर की Minshull Street Crown Court में चल रही है। सोमवार 14 सितंबर को आरोपी ने अदालत में अतिरिक्त 45 आरोप स्वीकार किए। इससे पहले वह इसी साल 15 आरोपों में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था। इस तरह उसके द्वारा स्वीकार किए गए अपराधों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। ब्रिटिश कानून के तहत यौन अपराध की पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखने के लिए आरोपी पति की पहचान भी प्रकाशित नहीं की जा रही, क्योंकि उससे महिला की पहचान सामने आने का खतरा है।
2004 से 2025 तक चला अपराध
अदालत में सामने आई जानकारी के मुताबिक अपराधों का सिलसिला वर्ष 2004 तक जाता है।
आरोपी ने अपनी पत्नी को नशीला पदार्थ देकर या उसकी चेतना प्रभावित करके उसके साथ यौन अपराध करने से जुड़े आरोप स्वीकार किए हैं।
यह सिलसिला कथित तौर पर करीब 20 वर्षों तक चलता रहा।
पहले आरोपी ने 2022 से 2025 के बीच हुए कई यौन अपराध स्वीकार किए थे। अब उसने 2004 तक के पुराने मामलों से जुड़े आरोप भी स्वीकार कर लिए हैं।
आरोपों में नशीला पदार्थ देने, रेप, यौन हमला और दूसरे गंभीर यौन अपराध शामिल हैं।
मामले की अवधि ही इसे ब्रिटेन में सामने आए सबसे गंभीर घरेलू यौन शोषण मामलों में से एक बनाती है।
21 रेप के आरोप स्वीकार
रिपोर्टों के अनुसार आरोपी द्वारा स्वीकार किए गए कुल 60 अपराधों में **21 रेप के आरोप** शामिल हैं।
इसके अलावा यौन हमले, नशीला पदार्थ देने और निजी तस्वीरें या वीडियो बिना सहमति साझा करने से संबंधित अपराध भी शामिल हैं।
इस मामले में पत्नी की सहमति के बिना अंतरंग सामग्री साझा करने से जुड़ा अपराध भी सामने आया है।
यानी मामला केवल लंबे समय तक चले यौन शोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़िता की निजता के गंभीर उल्लंघन का पहलू भी इसमें शामिल है।
नशीला पदार्थ देने का आरोप भी स्वीकार
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू महिला को उसकी जानकारी के बिना नशीला पदार्थ देना है।
आरोपी ने 2004 से 2025 के बीच पत्नी को बेहोश या उसकी प्रतिरोध क्षमता को प्रभावित करने के इरादे से पदार्थ देने से जुड़ा आरोप स्वीकार किया है।
ऐसे अपराधों में पीड़ित व्यक्ति को यह भी पता नहीं चल पाता कि उसके साथ क्या किया गया।
इसी वजह से ड्रग-फैसिलिटेटेड सेक्सुअल एब्यूज के मामलों की जांच बेहद जटिल मानी जाती है।
अदालत में मौजूद थी पत्नी
जब आरोपी अदालत में अपने अपराध स्वीकार कर रहा था तब उसकी पत्नी भी कोर्ट में मौजूद थी।
रिपोर्टों के मुताबिक वह सार्वजनिक गैलरी की पहली पंक्ति में अपने परिवार के सदस्यों के साथ बैठी हुई थी।
आरोपी अदालत में अपने जवाब देते समय एक मौके पर भावुक भी हुआ और उसे बैठकर बाकी आरोपों का जवाब देने की अनुमति दी गई।
लेकिन कानूनी प्रक्रिया में केंद्र में आरोपी की भावनाएं नहीं बल्कि उसके द्वारा स्वीकार किए गए अपराध और पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया है।
तस्वीरें और वीडियो साझा करने का मामला
आरोपी ने पत्नी की सहमति के बिना अंतरंग तस्वीरें या वीडियो साझा करने से जुड़ा अपराध भी स्वीकार किया है।
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक निजी सामग्री महिला की जानकारी या अनुमति के बिना साझा की गई थी।
इससे मामला डिजिटल प्राइवेसी और ऑनलाइन यौन शोषण से भी जुड़ जाता है।
आज के दौर में किसी व्यक्ति की अंतरंग तस्वीर या वीडियो उसकी सहमति के बिना रिकॉर्ड करना या साझा करना गंभीर अपराध हो सकता है।
12 दूसरे पुरुष भी हैं आरोपी
इस मामले में केवल महिला का पति ही कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं कर रहा।
उसी महिला से जुड़े कथित यौन अपराधों के मामले में **12 अन्य पुरुषों** पर भी आरोप हैं।
इन लोगों ने अपने ऊपर लगे संबंधित आरोपों से इनकार किया है। इसलिए कानूनी रूप से उन्हें दोषी नहीं कहा जा सकता, जब तक अदालत उनका अपराध सिद्ध नहीं करती।
यह अंतर खबर लिखते समय बेहद जरूरी है।
पति ने अपने 60 अपराध स्वीकार कर लिए हैं, जबकि 12 अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया जारी है।
एक अन्य व्यक्ति स्वीकार कर चुका अपराध
इस व्यापक मामले में एक अन्य व्यक्ति भी पहले अपना अपराध स्वीकार कर चुका है।
ब्रिटिश मीडिया के अनुसार इससे जुड़े बाकी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रही है।
आरोपों की गंभीरता और बड़ी संख्या को देखते हुए मुकदमे को जटिल माना जा रहा है।
इसमें कई वर्षों की घटनाओं, डिजिटल सामग्री और अलग-अलग आरोपियों की कथित भूमिका की जांच की जा रही है।
फरवरी में अलग थी स्थिति
इस मामले में फरवरी 2026 में जब आरोपी अदालत में पेश हुआ था, तब उसने कई आरोपों से इनकार किया था।
उस समय उसके खिलाफ साजिश, यौन अपराध, नशीला पदार्थ देने और निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने समेत कई आरोप थे।
लेकिन बाद में उसकी कानूनी स्थिति बदल गई।
पहले उसने जून में 15 अपराध स्वीकार किए और अब सितंबर में बाकी 45 आरोप भी स्वीकार कर लिए।
इस तरह उसने अपने खिलाफ कुल 60 अपराधों में दोष स्वीकार कर लिया है।
क्यों नहीं बताया जा रहा आरोपी का नाम?
आमतौर पर गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी का नाम मीडिया रिपोर्टों में सामने आता है।
लेकिन इस मामले में स्थिति अलग है।
ब्रिटेन में यौन अपराध की पीड़िता को कानूनी रूप से पहचान की सुरक्षा प्राप्त है।
इस मामले में आरोपी की पहचान बताने से उसकी पत्नी की पहचान भी सामने आ सकती है।
इसीलिए अदालत और मीडिया रिपोर्टों में पति का नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।
इस कारण सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति का नाम जोड़कर इस खबर को शेयर करना गलत हो सकता है।
पुलिस ने बताया भयावह अभियान
Greater Manchester Police ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि पीड़िता को विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
पुलिस ने इस घटनाक्रम को लंबे समय तक चला भयावह शोषण बताया है।
अधिकारियों ने ऐसे दूसरे लोगों से भी सामने आने की अपील की है जिन्हें नशीले पदार्थ के इस्तेमाल के जरिए यौन अपराध का शिकार बनाया गया हो।
पुलिस का संदेश है कि पीड़ित व्यक्ति को घटना की हर बात याद होना या शुरुआत में सारे सबूत उसके पास होना जरूरी नहीं है।
नशीला पदार्थ देकर अपराध क्यों पकड़ना मुश्किल?
ऐसे मामलों में पीड़ित को कई बार घटना की पूरी स्मृति नहीं रहती।
अगर किसी व्यक्ति की चेतना नशीले पदार्थ से प्रभावित की गई हो तो उसे अगले दिन केवल कमजोरी, भ्रम या याददाश्त में अंतर जैसी समस्या महसूस हो सकती है।
इस कारण लंबे समय तक अपराध का पता न चलना संभव होता है।
विशेषज्ञ एजेंसियां ऐसे मामलों में मेडिकल, डिजिटल और परिस्थितिजन्य सबूतों का सहारा ले सकती हैं।
यही कारण है कि पुलिस ऐसे पीड़ितों से शिकायत करने में हिचकिचाने के बजाय सहायता लेने की अपील करती है।
पति-पत्नी का रिश्ता सहमति की जगह नहीं लेता
यह मामला एक महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक सवाल भी उठाता है—विवाह के भीतर सहमति का महत्व।
किसी व्यक्ति का पति या पत्नी होना अपने आप हर यौन गतिविधि के लिए स्थायी सहमति नहीं बन जाता।
ब्रिटेन में वैवाहिक संबंध के भीतर भी बिना सहमति यौन संबंध रेप हो सकता है।
अगर कोई व्यक्ति बेहोश है या नशीले पदार्थ के कारण निर्णय और सहमति देने की स्थिति में नहीं है तो उससे वैध सहमति नहीं मानी जा सकती।
इस मामले में आरोपी ने स्वयं कई रेप और संबंधित अपराध स्वीकार किए हैं।
फ्रांस के चर्चित मामले से हो रही तुलना
इस ब्रिटिश मामले के सामने आने के बाद इसकी तुलना फ्रांस के चर्चित **गिसेल पेलिको** मामले से भी की जा रही है।
लेकिन दोनों अलग-अलग आपराधिक मामले हैं और उन्हें एक नहीं समझना चाहिए।
फ्रांस में डोमिनिक पेलिको को 2024 में अपनी पत्नी गिसेल को नशीला पदार्थ देकर वर्षों तक उसका यौन शोषण करने और दूसरे पुरुषों को भी इसमें शामिल करने के मामले में दोषी ठहराया गया था। उसे 20 साल जेल की सजा मिली थी।
ब्रिटेन का मौजूदा मामला स्टॉकपोर्ट का है और इसकी न्यायिक प्रक्रिया अभी चल रही है।
आरोपी को अभी सजा नहीं सुनाई गई
सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि 60 अपराध स्वीकार करने के बाद आरोपी का क्या होगा?
फिलहाल उसकी अंतिम सजा घोषित नहीं हुई है।
उसने अपने खिलाफ सभी 60 अपराध स्वीकार कर लिए हैं, लेकिन संबंधित मुकदमे की प्रक्रिया अभी जारी है। सजा आगे की कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद सुनाई जाएगी।
इसलिए अभी यह लिखना कि आरोपी को निश्चित रूप से कितने साल जेल हुई है, तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।
अदालत आरोपों की गंभीरता और कानूनी परिस्थितियों के आधार पर सजा तय करेगी।
बाकी आरोपियों पर फैसला बाकी
मामले में 12 अन्य पुरुषों ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोप स्वीकार नहीं किए हैं।
उनके खिलाफ मुकदमा चलना है और अदालत सबूतों के आधार पर तय करेगी कि वे दोषी हैं या नहीं।
इसलिए खबर में उनके लिए 'आरोपी' शब्द इस्तेमाल करना सही है, लेकिन उन्हें अभी अपराधी या दोषी कहना उचित नहीं होगा।
यही कानूनी अंतर इस संवेदनशील मामले की रिपोर्टिंग में बनाए रखना जरूरी है।
दो दशक बाद अदालत तक पहुंचा मामला
2004 से 2025 तक फैले अपराधों से जुड़े इस मामले में अब बड़ा मोड़ आ चुका है।
स्टॉकपोर्ट के 60 साल से अधिक उम्र के आरोपी ने पत्नी को नशीला पदार्थ देकर उसके खिलाफ यौन अपराध करने समेत **60 आरोपों में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।**
इनमें 21 रेप के आरोप और निजी अंतरंग सामग्री बिना सहमति साझा करने से जुड़े अपराध भी शामिल हैं।
अब अदालत की अगली प्रक्रिया और सजा पर नजर रहेगी।
वहीं संबंधित मामले में आरोपों का सामना कर रहे 12 अन्य पुरुषों के खिलाफ सुनवाई जारी रहेगी। उनके बारे में अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।
यह मामला दिखाता है कि घरेलू रिश्ते के भीतर होने वाला यौन शोषण वर्षों तक छिपा रह सकता है और नशीले पदार्थ का इस्तेमाल पीड़ित के लिए अपराध को समझना तथा रिपोर्ट करना और कठिन बना सकता है।
फिलहाल आरोपी पति के मामले में स्थिति स्पष्ट है—उसने **कुल 60 अपराध स्वीकार किए हैं**, जबकि उसकी सजा सुनाया जाना अभी बाकी है।
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