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पाकिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल अस्पताल में डॉक्टरों के 6 पद खाली
Ratna Netam
9 Oct 2026 8:31 PM IST

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अटक जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति सामने आई है। जिले की जंड तहसील के छब इलाके में स्थित मरियम नवाज हेल्थ सेंटर लंबे समय से डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के छह स्वीकृत पद खाली होने के कारण मरीजों को इलाज कराने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि मरीजों को उपचार संबंधी सलाह और दवाओं की पर्ची के लिए डिस्पेंसर पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें इलाज के लिए रावलपिंडी के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 40 कनाल क्षेत्र में फैला मरियम नवाज हेल्थ सेंटर डॉक्टरों की कमी के कारण अपनी क्षमता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन ये सभी पद लंबे समय से खाली बताए जा रहे हैं। इससे आसपास के इलाकों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
डॉक्टरों के छह पद खाली, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
अटक जिले की जंड तहसील के छब स्थित मरियम नवाज हेल्थ सेंटर में चिकित्सकों की कमी सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। अस्पताल में डॉक्टरों के छह स्वीकृत पद होने के बावजूद नियमित चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं है।रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल आने वाले लोगों को इलाज और दवा की पर्ची के लिए डिस्पेंसर पर निर्भर रहना पड़ रहा है।डॉक्टरों की कमी का असर अस्पताल की सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। मरीजों को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों की ओर जाना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त चिकित्सा कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने से उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्थायी डॉक्टर ने केवल 20 दिन किया काम
रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए एक डॉक्टर को अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया था।हालांकि, इस डॉक्टर ने केवल 20 दिन काम किया और इसके बाद छुट्टी पर चला गया। इसके चलते अस्पताल में डॉक्टर की उपलब्धता की समस्या फिर गंभीर हो गई।अस्थायी नियुक्ति से मरीजों को कुछ समय के लिए चिकित्सकीय सेवाएं मिलने की व्यवस्था बनी थी, लेकिन डॉक्टर के छुट्टी पर जाने के बाद यह व्यवस्था भी प्रभावित हो गई।रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बाधित हो रही हैं।हालांकि, अस्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की तारीख, छुट्टी की अवधि और उसके वापस लौटने के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पर लगे आरोप
मरियम नवाज हेल्थ सेंटर में डॉक्टर की अनुपस्थिति को लेकर अटक के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के CEO ने अस्पताल में उपलब्ध एकमात्र डॉक्टर को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के छुट्टी दे दी।इसके कारण अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं की स्थिति और अधिक प्रभावित हो गई।स्थानीय स्तर पर सवाल उठाया जा रहा है कि जब अस्पताल में पहले से ही डॉक्टरों की कमी थी, तब वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना चिकित्सक को छुट्टी क्यों दी गई।हालांकि, यह आरोप रिपोर्ट में सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
इलाज के लिए रावलपिंडी जाने को मजबूर मरीज
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण छब और आसपास के इलाकों के लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है।रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानीय निवासी चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने के लिए रावलपिंडी के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को अपने क्षेत्र में इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।दूसरे शहर जाकर इलाज कराने के लिए मरीजों को अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है। इससे उनके समय और खर्च दोनों पर असर पड़ सकता है।विशेष रूप से ऐसे मरीजों के लिए यह स्थिति कठिन हो सकती है, जिन्हें नियमित चिकित्सकीय परामर्श या बार-बार अस्पताल जाने की आवश्यकता होती है।हालांकि, कितने मरीजों को रावलपिंडी भेजा गया या कितने लोग स्वयं इलाज के लिए वहां पहुंचे, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
40 कनाल में फैला स्वास्थ्य केंद्र, फिर भी डॉक्टर नहीं
मरियम नवाज हेल्थ सेंटर करीब 40 कनाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इतने बड़े परिसर में संचालित होने के बावजूद चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को अपेक्षित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के छह स्वीकृत पद खाली होना चिकित्सा कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।अस्पताल का बड़ा परिसर होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रशिक्षित चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता पर निर्भर करता है।रिपोर्ट में सामने आई स्थिति के अनुसार, अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा मानव संसाधन की कमी बनी हुई है।इस कारण स्वास्थ्य केंद्र अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में कठिनाई का सामना कर रहा है।
डिस्पेंसर पर निर्भर मरीजों की बढ़ी परेशानी
डॉक्टरों की अनुपस्थिति में मरीजों को दवा की पर्ची और उपचार संबंधी सहायता के लिए डिस्पेंसर पर निर्भर रहना पड़ रहा है।हालांकि, दवाओं का वितरण और चिकित्सकीय निदान अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं। किसी मरीज की बीमारी का निदान और उपचार तय करने के लिए योग्य चिकित्सक की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को उचित चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।इस स्थिति से स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था में कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता सामने आई है।
नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति का इंतजार
अटक जिले के छब स्थित मरियम नवाज हेल्थ सेंटर में डॉक्टरों के छह पद खाली होने और अस्थायी डॉक्टर के छुट्टी पर चले जाने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है।स्थानीय लोगों को इलाज के लिए रावलपिंडी जाना पड़ रहा है, जबकि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को डिस्पेंसर पर निर्भर रहना पड़ रहा है।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग खाली पदों पर नियमित नियुक्तियां कब करेगा या अस्थायी रूप से डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।इस बीच, स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी और मरीजों की परेशानी ने स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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