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भारत में खुशियां, बलूचिस्तान में अपनों की तलाश', फराह बलोच का भावुक संदेश
Ratna Netam
8 Nov 2026 7:00 PM IST

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बलूचिस्तान/नई दिल्ली। दीपावली के पावन अवसर पर पाकिस्तान के बलूचिस्तान से फराह बलोच ने भारत के लोगों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपनी मां और भाई के साथ एक वीडियो संदेश जारी कर भारतीयों को दीपावली की बधाई दी। हालांकि, उनका संदेश केवल त्योहार की शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा। फराह ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों, लापता लोगों और उनके परिवारों की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए भारत से समर्थन की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भारत के लोग अपने परिवारों के साथ दिवाली और ईद जैसे त्योहार मना पाते हैं, जबकि बलूचिस्तान में कई परिवारों को अपने लापता प्रियजनों की तलाश में प्रदर्शन करना पड़ता है।फराह बलोच का यह वीडियो 8 नवंबर 2026 को सामने आया। इसमें उन्होंने सबसे पहले भारत के लोगों को नमस्कार करते हुए दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी विशेष रूप से त्योहार की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने बलूचिस्तान के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए वहां के लोगों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
पीएम मोदी से लगाई मदद की गुहार
अपने वीडियो संदेश में फराह बलोच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बलूचिस्तान के लोगों की आवाज बनने और उनके संघर्ष में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को बलूचिस्तान के लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और उनके समर्थन में आवाज उठानी चाहिए।फराह ने अपने संदेश में आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के लोगों के साथ नागरिकों जैसा व्यवहार नहीं किया है। उनके अनुसार, वहां के लोग लंबे समय से अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लोग अब आजादी चाहते हैं और पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहते। फराह ने भारत से इस संघर्ष में मदद और समर्थन देने का आग्रह किया।उनकी यह अपील राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। वीडियो में व्यक्त विचार फराह के अपने राजनीतिक दावे हैं और इन्हें पूरे बलूचिस्तान की आबादी की प्रमाणित सामूहिक राय नहीं माना जा सकता।
त्योहारों पर भी लापता परिजनों के लिए प्रदर्शन
फराह बलोच ने अपने संदेश में बलूचिस्तान में लापता लोगों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारत के लोग भाग्यशाली हैं, जो अपने परिवार और प्रियजनों के साथ दिवाली तथा ईद जैसे त्योहार मना सकते हैं।इसके विपरीत, उनके मुताबिक बलूचिस्तान में कई परिवार त्योहारों के दिन भी अपने लापता परिजनों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हैं।उन्होंने विशेष रूप से क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर होने वाले विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख किया। फराह के अनुसार, कई परिवार अपने लापता प्रियजनों के बारे में जानकारी पाने और उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं।बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी का मुद्दा लंबे समय से मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा उठाया जाता रहा है। लापता लोगों के परिवार अपने परिजनों के बारे में जानकारी देने और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश करने की मांग करते रहे हैं।इस मुद्दे को लेकर क्वेटा सहित विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। हालांकि, फराह के वीडियो में उल्लिखित सभी मामलों की अलग-अलग पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मां और भाई के साथ साझा किया दिवाली संदेश
फराह बलोच ने यह वीडियो अपनी मां और भाई के साथ साझा किया। संदेश की शुरुआत उन्होंने भारतीयों को नमस्कार और दीपावली की बधाई देकर की। उन्होंने खुद को भारत की छोटी बहन बताते हुए भारतीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।वीडियो में उनका कहना था कि दिवाली खुशियों और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर है। उन्होंने भारतीयों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि बलूचिस्तान के लोगों की परेशानियों और उनके संघर्ष पर भी ध्यान दिया जाएगा।उनके संदेश का एक भावनात्मक पहलू यह था कि जहां भारत में लोग अपने प्रियजनों के साथ त्योहार मनाते हैं, वहीं बलूचिस्तान में कुछ परिवारों के लिए त्योहार भी अपनों की तलाश और इंतजार के बीच गुजरते हैं।
लापता लोगों का मुद्दा बना हुआ है गंभीर विषय
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लापता लोगों का मुद्दा लंबे समय से विवाद और मानवाधिकार संबंधी चर्चाओं में शामिल रहा है। बलूच कार्यकर्ताओं और प्रभावित परिवारों का आरोप है कि कई लोगों को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लेने के बाद उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी जाती।परिवारों की ओर से लगातार अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी और उनके बारे में जानकारी देने की मांग की जाती रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ता इस मुद्दे पर पारदर्शी जांच, कानूनी प्रक्रिया और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाते हैं।दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग समय पर प्रतिक्रियाएं दी जाती रही हैं। इसलिए प्रत्येक मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जरूरी है।फराह बलोच ने अपने दिवाली संदेश में इसी संवेदनशील मुद्दे को भारत के सामने रखने की कोशिश की है।
'आजाद बलूचिस्तान जिंदाबाद, भारत माता की जय' के नारे
अपने वीडियो के अंतिम हिस्से में फराह ने एक बार फिर भारत के लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीयों के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए अपने संदेश का समापन 'आजाद बलूचिस्तान जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ किया।उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। इससे पहले भी फराह बलोच नवरात्रि और स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर भारतीयों को शुभकामनाएं देने वाले संदेश साझा कर चुकी हैं। इन संदेशों में उन्होंने बलूचिस्तान के लोगों की समस्याओं और उनके राजनीतिक संघर्ष के लिए भारत का समर्थन मांगा था।फराह बलोच का इस बार का संदेश धार्मिक और सांस्कृतिक शुभकामनाओं के साथ राजनीतिक तथा मानवीय अपील का मिश्रण रहा। उन्होंने दीपावली के अवसर पर भारत के लोगों को बधाई देते हुए बलूचिस्तान में लापता लोगों के परिवारों की परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।उनकी अपील का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों तक बलूचिस्तान के मुद्दे को पहुंचाना था। उन्होंने उम्मीद जताई कि वहां के लोगों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलेगा।इस तरह दीपावली की शुभकामनाओं के बहाने फराह बलोच ने बलूचिस्तान में लापता लोगों, परिवारों के संघर्ष और स्वतंत्रता की मांग जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
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