
ग्रीनलैंड | ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने अमेरिका को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि उनका देश किसी के अधीन नहीं है और वह अपना भविष्य खुद तय करेगा। यह बयान तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड को लेकर टिप्पणी की थी, जिसे वहां की सरकार ने अनावश्यक हस्तक्षेप करार दिया।
अमेरिका की टिप्पणी पर ग्रीनलैंड का कड़ा रुख
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने आर्थिक और रणनीतिक कारणों से इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण बताया था। इस पर ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, "हम अपनी नीतियां खुद तय करते हैं और किसी अन्य देश के दखल की जरूरत नहीं है।"
डेनमार्क से स्वतंत्रता की दिशा में बढ़ता ग्रीनलैंड
ग्रीनलैंड, जो अभी तक डेनमार्क के प्रशासनिक नियंत्रण में है, लंबे समय से स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, वह अपनी नीतियों को लेकर स्वायत्त है और अमेरिका या किसी अन्य देश से हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिका-ग्रीनलैंड संबंधों पर असर?
यह पहला मौका नहीं है जब ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच इस तरह की बयानबाजी हुई है। कुछ साल पहले अमेरिका ने ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रस्ताव दिया था, जिसे ग्रीनलैंड सरकार ने ठुकरा दिया था। ताजा घटनाक्रम से दोनों देशों के संबंधों में नया तनाव आ सकता है।
आगे क्या?
ग्रीनलैंड सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपनी स्वतंत्रता और भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब देखना होगा कि अमेरिका इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या इससे दोनों देशों के संबंधों पर कोई प्रभाव पड़ेगा।।





