विश्व

सरकार समर्थित लोगों ने 'क्वेरडेनकर आंदोलन' में किया प्रदर्शन, लॉकडाउन को लेकर भी उमड़े प्रदर्शनकारी

Gulabi
30 Aug 2021 11:51 AM GMT
सरकार समर्थित लोगों ने क्वेरडेनकर आंदोलन में किया प्रदर्शन, लॉकडाउन को लेकर भी उमड़े प्रदर्शनकारी
x
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक बार फिर हजारों वैक्सीन-विरोधी और कोविड को महज साजिश मानने वाले लोगों ने प्रदर्शन किया

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक बार फिर हजारों वैक्सीन-विरोधी और कोविड को महज साजिश मानने वाले लोगों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हो गई. जर्मनी में लॉकडाउन को लेकर भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं. पुलिस ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में प्रवेश करने की कोशिश और पुलिस अधिकारियों से भिड़ गए. इस दौरान चार पुलिसकर्मी घायल भी हो गए. पुलिस ने बताया कि 50 लोगों को पुलिस के खिलाफ हिंसा करने को लेकर हिरासत में लिया गया.

दरअसल, जर्मनी 'क्वेरडेनकर आंदोलन' ने उन सभी लोगों को एक छत के नीचे ला दिया है, जो वैक्सीनेशन के विरोधी, कोरोनावायरस को नकारने वाले और कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोग हैं. सरकार ने सीमित संख्या में एक प्रदर्शन की इजाजत दी थी. मगर प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों को लेकर उनकी आलोचना की गई. वहीं, राजधानी में इस तरह के हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे. 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, मगर इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों ने उत्पात मचाया.
सरकार समर्थित लोगों ने 'क्वेरडेनकर आंदोलन' में किया प्रदर्शन
वहीं, जिस समय वैक्सीन विरोधी ये लोग प्रदर्शन कर रहे थे, उसी समय सरकार समर्थित प्रदर्शनकारियों ने भी प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. ऐसे में दोनों गुटों के बीच टकराव होने का खतरा बढ़ गया. हालांकि, पुलिस ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए लोगों से लौटने को कहा, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाए. सरकार समर्थित प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतिबंधों की वजह से वायरस की रफ्तार में कमी आई है. उन्होंने 'क्वेरडेनकर आंदोलन' का विरोध किया और बर्लिन की विविधता और सामाजिक सामंजस्य की वकालत की. ये प्रदर्शन ऐसे समय पर हुए हैं, जब जर्मनी में बिना वैक्सीन लगवाए लोगों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विचार किया जा रहा है.
क्या है कोविड कांस्पिरेसी थ्योरी?
कोरोनावायरस महामारी और उसके बाद वैक्सीनेशन की शुरुआत होने के बाद ही कई तरह थ्योरी देखने को मिली हैं. इन थ्योरी को ऑनलाइन फैलाया जा रहा है. इन थ्योरी में कहा गया है कि कोविड सिर्फ फ्लू की तरह होने वाली बीमारी है. वैक्सीन को लेकर कहा जा रहा है कि इससे गर्भपात और बांझपन का खतरा है. कुछ लोगों ने तो कोरोनावायरस को 5जी टेक्नोलॉजी से लिंक कर दिया है. वहीं, ऐसे भी लोगों की कमी नहीं है, जिनका कहना है कि जिन लोगों को कोविड नहीं हुआ है, उन्हें वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं है. हालांकि, इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं और ऐसी बातें करने वाले लोगों की स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आलोचना की है.
Next Story