
FBI की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में गोल्डी बराड़, गिरफ्तारी की सूचना पर 10 लाख डॉलर का इनाम
अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI ने सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल किया है। FBI ने 28 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की। एजेंसी ने बराड़ की गिरफ्तारी से जुड़ी उपयोगी जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा भी की है। FBI के मुताबिक बराड़ पर अमेरिका में संगठित अपराध, जबरन वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े गंभीर संघीय आरोप हैं।
FBI के अनुसार सतिंदरजीत सिंह को अमेरिका और कनाडा में सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से कथित तौर पर जुड़ा हुआ बताया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि वह इस नेटवर्क के उत्तरी अमेरिका में नेतृत्वकारी भूमिका में रहा है। एजेंसी के मुताबिक इस आपराधिक नेटवर्क पर लक्षित हत्याओं, गोलीबारी, हत्या, अपहरण, जबरन वसूली तथा मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होना बाकी है।
तीन प्रमुख संघीय आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार बराड़ के खिलाफ लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत में कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें Racketeer Influenced and Corrupt Organizations यानी RICO कानून के तहत साजिश, जबरन वसूली के जरिए व्यापार को प्रभावित करने की साजिश और प्रयास तथा नियंत्रित मादक पदार्थों को वितरित करने और वितरण के इरादे से रखने की साजिश शामिल है। FBI ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप हैं और इन्हें दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
FBI ने बराड़ को बेहद हिंसक, हथियारबंद और खतरनाक व्यक्ति बताया है। एजेंसी के मुताबिक उसके कैलिफोर्निया और कनाडा के विभिन्न हिस्सों में रहने की जानकारी रही है। FBI ने आम लोगों से उसके साथ किसी तरह का संपर्क करने के बजाय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी देने की अपील की है।
10 लाख डॉलर का इनाम
FBI की Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल किए जाने के साथ बराड़ की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी के लिए अधिकतम 10 लाख डॉलर का इनाम रखा गया है। FBI के मुताबिक यह जानकारी सीधे उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली होनी चाहिए। एजेंसी ने लोगों के लिए अपनी टोल-फ्री टिप लाइन, स्थानीय FBI कार्यालय और निकटतम अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास के माध्यम से सूचना देने का विकल्प बताया है। सूचना गुमनाम रूप से भी दी जा सकती है।
FBI की Ten Most Wanted सूची 1950 में शुरू हुई थी। एजेंसी के अनुसार बराड़ इस सूची में शामिल होने वाला 543वां व्यक्ति है। FBI ने कहा है कि इस सूची में शामिल किए जाने का उद्देश्य जनता की मदद से फरार आरोपियों तक पहुंचना और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करना है।
ऑपरेशन हार्डबॉल से जुड़ा मामला
बराड़ का मामला FBI की Operation Hardball जांच से भी जुड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों ने जुलाई 2026 में इस अभियान के तहत भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी थी। उस समय तीन अलग-अलग आपराधिक नेटवर्क से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की गई थी। FBI के मुताबिक इनमें हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप शामिल थे।
FBI के अनुसार इनमें से एक अभियोग लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क पर केंद्रित था। एजेंसी का आरोप है कि बराड़ ने इस नेटवर्क के सदस्यों और सहयोगियों की गतिविधियों को निर्देशित करने में भूमिका निभाई। अमेरिकी जांच एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क कई देशों में फैली गतिविधियों के जरिए हिंसा और डर का माहौल बनाने तथा जबरन वसूली के लिए अपनी छवि का इस्तेमाल करता था।
2023 की हत्या का भी उल्लेख
FBI की ओर से जारी विवरण में कनाडा में जून 2023 में हुई एक प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक व्यक्ति की हत्या का भी उल्लेख किया गया है। अमेरिकी अभियोग में इस व्यक्ति की पहचान संक्षिप्त रूप से H.S.N. के तौर पर की गई है। FBI के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई और सतिंदरजीत सिंह पर इस हत्या की साजिश में भूमिका निभाने का आरोप है। यह मामला कनाडा में अलग से जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।
FBI ने बताया कि बराड़ को पकड़ने के लिए अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग किया जा रहा है। एजेंसी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में अलग-अलग देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।
गोल्डी बराड़ को FBI की Ten Most Wanted सूची में शामिल किया जाना अमेरिकी जांच एजेंसी की ओर से उसकी तलाश को लेकर उठाया गया बड़ा कदम है। फिलहाल FBI उसकी गिरफ्तारी के लिए सार्वजनिक सहयोग मांग रही है और जानकारी देने पर 10 लाख डॉलर तक का इनाम घोषित है। बराड़ के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।





