
बांगुई। सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक के पश्चिमी हिस्से में एक दर्दनाक खदान हादसे में मरने वालों की संख्या 100 से ज्यादा पहुंच गई है। मंगलवार सुबह सोने की एक खदान अचानक ढह गई, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर और स्थानीय लोग दब गए। राहत और बचाव कार्यों में शामिल रेड क्रॉस के एक वॉलंटियर और स्थानीय अधिकारी ने बुधवार को हादसे में हुई मौतों की जानकारी दी।
यह हादसा कैमरून सीमा के पास स्थित नाना-मामबेरे इलाके के जाम्बोये गांव में हुआ। बताया जा रहा है कि जिस खदान में यह दुर्घटना हुई, वहां सोने की खुदाई पारंपरिक और कम तकनीकी तरीकों से की जाती थी। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम सीमित होने के कारण अक्सर इस तरह के हादसों का खतरा बना रहता है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, खदान ढहने के समय वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया। बाद में रेड क्रॉस और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हुईं।
At least 107 miners were killed and many others were trapped in a gold mine collapse in Zamboye, a border village between Cameroon and the Central African Republic.
— PressTV Extra (@PresstvExtra) August 19, 2026
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रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खदान के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना रही। भारी मलबे और असुरक्षित परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोग भी अपने स्तर पर फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटे रहे।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। राहत दल घटनास्थल पर लगातार काम कर रहे हैं और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में छोटे स्तर पर सोने की खदानों में काम करने वाले मजदूरों की संख्या काफी अधिक है। कई जगहों पर खनन कार्य बिना आधुनिक उपकरणों और पर्याप्त सुरक्षा उपायों के किया जाता है। इसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध और असंगठित खनन गतिविधियों में काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षा प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन नहीं मिल पाते। कई बार मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के गहरी खदानों में उतर जाते हैं, जिससे हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है।
जाम्बोये गांव में हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन अब हादसे की जांच कर रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खदान में काम करने के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद स्थानीय समुदाय में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने परिजनों को खो दिया है। अधिकारियों और राहत एजेंसियों की ओर से मृतकों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक दुनिया के गरीब देशों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में लोग छोटे स्तर के खनन कार्यों पर निर्भर हैं। सोने की खदानें कई स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का प्रमुख साधन हैं, लेकिन सुरक्षा की कमी के कारण यहां काम करना जोखिम भरा बना हुआ है।
सरकार के सामने अब चुनौती यह है कि खनन गतिविधियों को सुरक्षित बनाया जाए और मजदूरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी नियम लागू किए जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था के बिना ऐसे हादसों को रोकना मुश्किल होगा।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।





