
गाजा | गाजा में इस्राइली सेना पर 15 फलस्तीनी डॉक्टरों की हत्या कर उन्हें सामूहिक कब्र में दफनाने का गंभीर आरोप लगा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (यूएनएचआरसी) ने इस मामले को लेकर चिंता जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब गाजा में लगातार बढ़ती हिंसा से हालात और भी भयावह हो चुके हैं।
यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि गाजा के नासिर अस्पताल में काम कर रहे कम से कम 15 फलस्तीनी डॉक्टरों को इस्राइली सैनिकों ने हिरासत में लिया और बाद में उन्हें मारकर एक सामूहिक कब्र में दफना दिया। यह जानकारी कथित रूप से अस्पताल के कर्मचारियों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर सामने आई है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह हत्याएं जनवरी और फरवरी के दौरान हुई थीं, जब इस्राइली सेना ने गाजा के प्रमुख अस्पतालों पर हमले किए थे। नासिर अस्पताल, जो गाजा के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, इस हमले के दौरान सबसे अधिक प्रभावित हुआ था।
यूएन ने क्या कहा?
यूएन के प्रवक्ता ने बताया कि इस्राइली बलों द्वारा अस्पतालों को निशाना बनाना और चिकित्सकों की हत्या युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने कहा, "हम मांग करते हैं कि इस घटना की पूरी, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। डॉक्टरों को मारना न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह मानवता के खिलाफ अपराध भी है।"
इस्राइल ने क्या प्रतिक्रिया दी?
इस्राइल ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, इससे पहले इस्राइली सेना यह दावा कर चुकी है कि उसके हमले केवल हमास के ठिकानों पर केंद्रित हैं और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं है।
गाजा में हालात बेहद खराब
गाजा में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। अस्पतालों में दवाओं और संसाधनों की भारी कमी है, जिससे घायलों का इलाज मुश्किल हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार इस्राइल से युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस ताजा घटनाक्रम ने युद्ध को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे।





