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भगोड़े मेहुल चोकसी पर आज फिर होगी सुनवाई, डोमिनिका ने दी हरी झंडी

Neha Dani
3 Jun 2021 1:53 AM GMT
भगोड़े मेहुल चोकसी पर आज फिर होगी सुनवाई, डोमिनिका ने दी हरी झंडी
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रेड कार्नर नोटिस वाले भगोड़ों को वापस लाने का लंबा और अच्छा अनुभव है।

पीएनबी से 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत भेजने पर डोमिनिका के हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। उसे भारत भेजा जाएगा या एंटीगुआ जाना होगा इस पर कोर्ट बृहस्पतिवार को फैसला सुनाएगा।

डोमिनिका सरकार ने सुनवाई के दौरान दो टूक कहा, मेहुल की याचिका वैध नहीं है। वह अवैध रूप से देश में घुस आया है। भारत का पक्ष मजबूत है और उसे भारत के सुपुर्द कर देना चाहिए। मेहुल को 25 मई को डोमिनिका के रास्ते क्यूबा जाते वक्त पकड़ा गया था। सीबीआई और ईडी के अधिकारियों की एक टीम भी कोर्ट मेें मौजूद थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई के दौरान मेहुल अस्पताल में था। उसके वकील ने दावा किया उसे एंटीगुआ से अपहरण कर लाया गया है, जिस दौरान उसके शरीर में कई चोटें आईं। वह यहां सुरक्षित नहीं हैं और हम उन्हें वापस एंटीगुआ भेजने के लिए उचित भुगतान करने को तैयार हैं।
इस पर कोर्ट ने कहा, चोकसी को सबसे पहले अवैध रूप से देश में घुसने के मामले में कोर्ट में पेश किया जाए और सुनवाई स्थगित कर दी। चोकसी के वकील ने दावा किया कि कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है जिसे बृहस्पतिवार को सुनाया जाएगा।
वहीं डोमिनिका में विपक्ष के नेता लेनॉक्स लिंटन ने कहा, चोकसी को वापस एंटीगुआ भेज दिया जाए। जबकि एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने बुधवार को साफ कर दिया कि चोकसी अभी भी भारत का ही नागरिक है। हमने उसे नागरिकता नहीं देने का नोटिस भेजा था जिस पर उसने स्टे ले लिया। उसके खिलाफ भारत में धोखाधड़ी का मामला है और उसे भारत को सौंप देना चाहिए।
दावा: चोकसी के भाई ने अपहरण की झूठी खबर फैलाने को डोमिनिका के विपक्षी नेता दिए थे पैसे
विदेशी मीडिया ने दावा किया है कि भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के भाई चेतन चीनू भाई चोकसी ने डोमिनिका के विपक्षी नेता लेनॉक्स लिंटन को चोकसी के अपहरण की झूठी खबर फैलाने के लिए पैसे दिये थे। उसने लिंटन से 30 मई को मुलाकात की और चोकसी की मदद करने के लिए उसके चुनाव की फंडिंग करने की पेशकश भी की थी। इसके लिए दो लाख डॉलर का टोकन मनी भी दिया था, बाकी दस लाख डॉलर का चुनावी चंदा भी देना तय हुआ था। हालांकि लिंटन ने इस दावे से इनकार किया है।
विदेशी मीडिया के सूत्रों के मुताबिक चोकसी के भाई और लिंटन के बीच हीराव्यापारी को लेकर कई पहलुओं पर लंबी बातचीत हुई थी। इसमें तय हुआ कि चुनाव में चंदे की एवज में लिंटन चोकसी की गिरफ्तारी का मुद्दा डोमिनिकन संसद में उठाएंगे। सूत्रों के मुताबिक चेतन ने यह बात भी स्वीकार की मेहुल अपने आप डोमिनिका पहुंचा है, लेकिन उसे कोर्ट में फैसला अपने पक्ष में लेने के लिए विपक्ष की मदद चाहिए। साथ ही डोमिनिकन सरकार पर ठीकरा फोड़ा जा सके कि उसकी व भारतीय पुलिस की मिलीभगत से मेहुल को अपहरण कर एंटीगुआ से लाया गया। एसोसिएट्स टाइम्स के मुताबिक लिंटन का लोगों से पैसा लेकर उन्हें फायदा पहुंचाने का पूरा इतिहास रहा है। अलजजीरा ने भी 2019 में खबर छापी थी कि लिंटन ने कई निवेशकों से दो लाख डॉलर के चुनावी चंदे के एवज में राजनयिक वीजा देने का वादा किया था।
मैं चेतन को नहीं जानता न कभी मिला
'मैं चेतन चीनू भाई चोकसी को नहीं जानता और कभी मिला भी नहीं हूं। इस नाम के व्यक्ति से कभी बात भी नहीं हुई। ऐसी कोई भी खबर जरूर समथिंग टाइम्स नाम की वेबसाइट से आई होगी जो कि सरकार के पासपोर्ट बेंचने वाले कुछ मित्रों द्वारा चलाई जा रही है। - लेनॉक्स लिंटन, डोमिनिका के विपक्षी नेता
मेहुल भारत का नागरिक, उसे वहां भेजे डोमिनिका: ब्राउन
एंटीगुआ और बरबूडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने बुधवार को कहा, हम अपने इस पक्ष पर कायम हैं कि मेहुल को सीधे भारत भेज देना चाहिए। वह अभी भी भारत का नागरिक है और डोमिनिका को बिना किसी कानूनी जांच के उसे सीधे भारत को सौंप देना चाहिए। इसके लिए किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं। क्याेंकि मेहुल कोर्ट का सहारा लेकर अपनी भारतीय नागरिकता को निरस्त करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, मेहुल ने यूपीपी को चुनावी चंदे का लालच देकर अपनी वकालत के लिए तैयार कर लिया है। ताकि वह एंटीगुआ वापस लौटकर सांविधानिक संरक्षण का सहारा लेकर छिपा रहे।
14 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले में वांछित है मेहुल
हीराव्यापारी मेहुल चोकसी भारत में पीएनबी बैंक से करीब 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में वांछित है। उसका भांजा नीरव मोदी भी इस मामले में आरोपी है और दोनों विदेश में जा छिपे थे। सीबीआई और ईडी इस मामले की जांच कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को भगोड़ा घोषित किया है। नीरव मोदी लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है, उसकी प्रत्यर्पण मामले में लंदन हाईकोर्ट में केस चल रहा है।
मेहुल को भारत लाने में कोई कानूनी बाधा नहीं: एपी सिंह
सीबीआई के पूर्व निदेशक एपी सिंह ने कहा, मेहुल चोकसी को डोमिनिका से भारत लाने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। वह पूरी तरह भारत लाए जाने के लिए फिट है। उसके पास अपना प्रत्यर्पण रुकवाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, मेहुल बड़ी चालाकी के साथ एंटीगुआ छोड़कर डोमिनिका पहुंचा है लेकिन वह नहीं जानता था कि उसे डोमिनिका से भारत प्रत्यर्पित करना ज्यादा आसान है। अब वह अपहरण की झूठी कहानी की आड़ ले रहा है लेकिन इसका उसे अधिक लाभ नहीं होगा। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस दिसंबर 2018 में जारी हो चुका है और सीबीआई के पास रेड कार्नर नोटिस वाले भगोड़ों को वापस लाने का लंबा और अच्छा अनुभव है।

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