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वो काला दिन जिसे नहीं भूली दुनिया 9/11 के 25 साल
न्यूयॉर्क: अमेरिका ने 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर उन करीब 3,000 लोगों को याद किया, जिनकी उस भयावह दिन जान चली गई थी। न्यूयॉर्क के ग्राउंड जीरो से लेकर वर्जीनिया स्थित पेंटागन और पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविल तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। पीड़ित परिवारों, हमले से बचे लोगों, दमकलकर्मियों, पुलिसकर्मियों और अमेरिका के शीर्ष राजनीतिक नेताओं ने मृतकों को नमन किया। 9/11 के हमलों में कुल 2,977 लोगों की मौत हुई थी।
ग्राउंड जीरो पर जुटे चार पूर्व राष्ट्रपति
न्यूयॉर्क के लोअर मैनहट्टन स्थित 9/11 मेमोरियल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ चारों जीवित पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बराक ओबामा और जो बाइडेन शामिल हुए। उनके साथ पूर्व प्रथम महिलाएं हिलेरी क्लिंटन, लॉरा बुश, मिशेल ओबामा और जिल बाइडेन भी मौजूद रहीं। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में शामिल हुए। समारोह के दौरान पीड़ित परिवारों ने हमलों और 1993 के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बम धमाके में मारे गए 2,983 लोगों के नाम पढ़े। अलग-अलग महत्वपूर्ण समय पर मौन रखा गया और घंटियां बजाई गईं। इस बार 9/11 से जुड़ी बीमारियों और चोटों के कारण बाद के वर्षों में जान गंवाने वालों के सम्मान में भी विशेष मौन रखा गया।
पेंटागन में ट्रंप ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ पेंटागन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां 11 सितंबर 2001 को अपहृत अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 77 पेंटागन से टकराई थी और 184 लोगों की जान गई थी। समारोह में मृतकों के नाम पढ़े गए और विशाल अमेरिकी ध्वज फहराया गया। ट्रंप ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अमेरिका उन्हें कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने हमले के बाद सामने आई राष्ट्रीय एकजुटता और अमेरिकी लोगों के साहस को याद किया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
चार विमानों को किया गया था हाईजैक
11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक किया था। दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर से टकराया गया। तीसरा विमान पेंटागन से टकराया, जबकि चौथा विमान यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93 पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविल के पास खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार यात्रियों ने अपहरणकर्ताओं का मुकाबला किया था।
इन हमलों ने अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और विदेश नीति को बदल दिया। इसके बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान शुरू किया और अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई की। 25 साल बाद भी 9/11 की यादें अमेरिका के लिए बेहद भावुक हैं। ग्राउंड जीरो पर मृतकों के नामों का वाचन और परिवारों की मौजूदगी ने उस त्रासदी की पीड़ा को एक बार फिर जीवंत कर दिया। अमेरिका भर में आयोजित कार्यक्रमों का मुख्य संदेश यही रहा कि हमले में मारे गए लोगों और दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले प्रथम प्रतिक्रियाकर्ताओं के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।
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