
पेरिस/बीजिंग: फ्रांस और चीन के बीच लंबे समय से चला आ रहा कॉन्यैक आयात विवाद अब सुलझने की ओर बढ़ रहा है। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर सकारात्मक वार्ता की है और जल्द ही कोई ठोस समाधान निकलने की उम्मीद है।
क्या है विवाद?
चीन ने कुछ समय पहले फ्रेंच कॉन्यैक ब्रांड्स पर आयात प्रतिबंध और सख्त टैक्स नियम लागू किए थे। बीजिंग का तर्क था कि स्वास्थ्य और गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए ये कदम जरूरी हैं, लेकिन फ्रांस ने इसे व्यापार बाधा करार दिया था।
सुलह की दिशा में कदम
हाल ही में फ्रांसीसी और चीनी व्यापार प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें नए व्यापार नियमों और टैक्स कटौती पर चर्चा की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश एक संतुलित समझौते की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे फ्रांसीसी शराब उद्योग को राहत मिलेगी।
आगे क्या?
फ्रांस चाहता है कि चीन आयात शुल्क कम करे और व्यापारिक बाधाओं को हटाए।
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चीन पारदर्शिता की मांग कर रहा है, ताकि गुणवत्ता मानकों को बनाए रखा जा सके।
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समझौते के तहत व्यापार नियमों में नरमी आने की संभावना है।
अगर वार्ता सफल रही, तो फ्रांस और चीन के बीच शराब व्यापार में सुधार होगा, जिससे दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिलेगा।





