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ट्रंप समेत चार अमेरिकी राष्ट्रपति जो जानलेवा हमलों में बाल-बाल बचे

jantaserishta.com
26 April 2026 4:44 PM IST
ट्रंप समेत चार अमेरिकी राष्ट्रपति जो जानलेवा हमलों में बाल-बाल बचे
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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीसरी बार बड़े हमले से बाल-बाल बचे। ट्रंप अकेले नहीं बल्कि हमलों से बच कर निकलने वाले ऐसे अमेरिकी राष्ट्राध्यक्षों का इतिहास लंबा रहा है। एक दो नहीं बल्कि इस देश के कुल चार राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं जो हमलों का शिकार नहीं हुए।
डोनाल्ड ट्रंप इस फेहरिस्त में सबसे नए और अत्यधिक बार हमलों का सामना करने वाले राष्ट्रपति बन गए हैं। 25 अप्रैल की रात वाशिंगटन स्थित होटल हिल्टन में आयोजित (स्थानीय समयानुसार) व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में शामिल होने आए तो हथियारबंद की बंदूक से चलीं गोलियां चलती सुनाई दीं। बाद में हमलावर पकड़ा भी गया।
इसके पहले 15 सितंबर 2024 में फ्लोरिडा गोल्फ कोर्स में भी ट्रंप को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। ट्रंप वेस्ट पाम बीच में गोल्फ खेल रहे थे, जब 59 वर्षीय रयान वेस्ले राउथ ने एके-स्टाइल राइफल लेकर झाड़ियों में छिपकर निशाना साधा था। इस दौरान भी ट्रंप बच गए।
सबसे पहले ट्रंप 13 जुलाई 2024 को पेन्सिलवेनिया में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान खूनी हमले में बाल-बाल बचे थे। उन्होंने तब भाषण शुरू ही किया था, तभी गोलियां चलीं। गनीमत रही कि राष्ट्रपति उम्मीदवार बच गए, लेकिन एक गोली उनके कान को छूकर निकल गई। इससे खून की धारा बह निकली।
ट्रंप से पहले रोनाल्ड रीगन भी एक ऐसे हमले से बचे थे। इसे संयोग ही कहेंगे कि रीगन पर हमला उसी होटल के बाहर हुआ जहां दशकों बाद भीतर रात्रिभोज का आयोजन किया गया था। वाशिंगटन हिल्टन होटल परिसर में ही उन पर निशाना साधा गया। ये सब 1981 में हुआ था। होटल के बाहर उन्हें गोली लगी थी, लेकिन वे बच गए। रीगन घायल हो गए थे जब एक गोली लिमोजीन से टकराकर उनके बाईं तरफ से निकल गई।
70 के दशक में राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड उन खुशकिस्मतों में से रहे जो एक बार नहीं, दो-दो बार हमलों का शिकार होने से बच गए। साल 1975 का था जब तीन हफ्तों से भी कम समय में दो हमले हुए और फोर्ड बिना किसी खरोंच के बच निकले।
इसमें एक नाम थियोडोर रूजवेल्ट का भी आता है, जिन पर 1912 में चुनाव प्रचार के दौरान हमला हुआ। गोली सीने में जा लगी, लेकिन वो बच गए। वहीं कुछ अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसे भी रहे जो हिंसक वारदात का शिकार हुए। इनमें 1865 में अब्राहम लिंकन, 1881 में जेम्स गारफील्ड, 1901 में विलियम मैकिन्ले और 1963 में जॉन एफ. कैनेडी का नाम शामिल है। ये सब तब मारे गए जब ये राष्ट्रपति पद पर आसीन थे।
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