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जी-20 की बैठक से पहले उप प्रधानमंत्री वोंग से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, द्विपक्षीय रिश्ते बढ़ाने पर दिया जोर

Subhi
7 July 2022 6:24 AM IST
जी-20 की बैठक से पहले उप प्रधानमंत्री वोंग से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, द्विपक्षीय रिश्ते बढ़ाने पर दिया जोर
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग समेत शीर्ष नेतृत्व के सदस्यों से मुलाकात की और द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। उन्होंने वैश्विक स्थिति पर भी विचार साझा किए।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग समेत शीर्ष नेतृत्व के सदस्यों से मुलाकात की और द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। उन्होंने वैश्विक स्थिति पर भी विचार साझा किए। जयशंकर बाली में जी-20 की विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले सिंगापुर पहुंचे थे। सिंगापुर में उप-पीएम वोंग के अलावा, जयशंकर ने देश के रक्षामंत्री एनजी इंग हेन से भी चर्चा की।

जयशंकर ने ट्वीट किया कि वोंग, जो वित्तमंत्री भी हैं, ने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने पर सुखद वार्ता की और विश्व राजनीतिक व आर्थिक हालात पर विचार साझा किए। वोंग ने ट्वीट किया, जयशंकर के साथ वार्ता काफी बेहतर रही। जयशंकर 7-8 जुलाई तक बाली में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में चीन, रूस और अमेरिका के विदेश मंत्रियों से मिलेंगे। इस बैठक की मेजबानी इंडोनेशिया करेगा।

इस बार सामान्य नहीं होगा जी-20 सम्मेलन : जर्मनी

जी-20 की बैठक इस सप्ताह इंडोनेशिया में होगी जिसके यूक्रेन युद्ध से प्रभावित होने की पूरी संभावना है। रूस की मौजूदगी के साथ ब्लॉक में पहले ही दरार पैदा हो रही है। हालांकि मेजबान इंडोनेशिया मध्यस्थता की कोशिश में जुटा है।

पश्चिमी देशों ने मॉस्को पर यूक्रेन में युद्ध अपराधों का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए हैं। इस सभा में रूस के फरवरी में यूक्रेन हमले के बाद पहली बार रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अन्य विदेश मंत्रियों के साथ मौजूद रहेंगे। जर्मनी ने कहा है कि यह सामान्य शिखर सम्मेलन नहीं होगा।

भारत के लिए अक्तूबर तक पहले जैसी उड़ानें शुरू करेगा सिंगापुर

सिंगापुर एयरलाइन्स (एसआईए) ने घोषणा की है कि वह 30 अक्तूबर तक भारत के लिए महामारी से पहले के स्तर तक का परिचालन शुरू कर देगी। हवाई यात्रा की मांग के तहत यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने कहा कि चेन्नई तक सप्ताह में 10 के बजाय 17 उड़ानें धीरे-धीरे शुरू की जाएंगी। कोच्चि के लिए 7 के बजाय 14, बेंगलुरु के लिए 7 से बढ़ाकर 16 उड़ानें शुरू की जाएंगी।

जयशंकर पर रूस को प्रतिबंधित करने के लिए दबाव बनाएंगे पश्चिमी देश

जी-20 देशों की यहां होने वाली बैठक में एक-दूसरे से विभिन्न मुद्दों पर मतभेद रखने वाली महाशक्तियां आमने-सामने होंगी। यूक्रेन युद्ध के बाद यह पहला मौका होगा, जब रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दुनिया की आर्थिक महाशक्तियों के सामने पहुंचेंगे।

उधर, अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देश यूक्रेन युद्ध के दुष्परिणामों के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर और प्रतिबंध लगाने के लिए वातावरण बनाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए उनकी रणनीति बैठक में पहुंच रहे भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर दबाव बनाने की होगी।

विभिन्न मंचों पर रूस पर प्रतिबंध के बाद उसके विदेश मंत्री लावरोव के जी-20 बैठक में पहुंचने के कारण पहले ही बाली का माहौल खासा गर्म है। मेजबान इंडोनेशिया सदस्य देशों के बीच मध्यस्थता के प्रयास में जुटा है। जी-20 में शामिल पश्चिमी देश रूस पर यूक्रेन में युद्ध अपराधों का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन भारत, चीन, इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका इससे इत्तफाक नहीं रखते।

बैठक से पहले जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्रिश्चियन वेगनर ने कहा, यह सामान्य बैठक नहीं होगी। इसमें कामकाज भी पहले की तरह नहीं हो पाएगा। जर्मनी औद्योगिक देशों के समूह जी-7 का अध्यक्ष है और यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर बाली में लावरोव के साथ होने वाले व्यवहार के निर्धारण में भूमिका निभाएगा।

वित्त मंत्रियों की बैठक से किया था बहिर्गमन

इससे पहले अप्रैल में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक वाशिंगटन में हुई थी। वहां रूसी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के खिलाफ ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका ने बहिर्गमन किया था। अब बाली बैठक से इतर अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन का चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मिलने का कार्यक्रम है, लेकिन रूसी विदेश मंत्री लावरोव से उनकी भेंट नहीं होगी।


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