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दुनिया में पहली बार आम नागिरकों को लेकर अंतरिक्ष यान पृथ्‍वी की कक्षा में लांच होगा, जानें यात्रा के अनछुए पहलू

Neha
15 Sep 2021 7:30 AM GMT
दुनिया में पहली बार आम नागिरकों को लेकर अंतरिक्ष यान पृथ्‍वी की कक्षा में लांच होगा, जानें यात्रा के अनछुए पहलू
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अमेरिकी बिजनेसमैन डेनिस टीटो ऐसे पहले शख्स थे, जिन्होंने पहली बार एक टूरिस्ट के तौर पर स्पेस पर 8 दिन बिताए थे।

दुनिया में पहली बार आम नागिरकों को लेकर अंतरिक्ष यान पृथ्‍वी की कक्षा में लांच होने वाला है। पांच महीने के प्रशिक्षण के उपरांत आम लोग स्‍पेसएक्‍स के क्रू डैगन पर सवार होकर फाल्‍कन 9 राकेट से बुधवार को अंतरिक्ष के लिए रवाना होगा। यह मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रक्षेपण केंद्र से लांच किया जाएगा। कंपनी की यह पूरी तरह से निजी मानव अंतरिक्ष उड़ान है। जेरेड इसाकमैन ने सीधे राकेट कंपनी से क्रू ड्रैगन कैप्सूल किराए पर लिया है। इस मिशन में कितना खर्च आया है, इसाकमैन ने इसका खुलासा नहीं किया है। हालांकि, उन्‍होंने इशारा करते हुए कहा कि इसमें कुल खर्च 200 मिलियन डालर से कम आया है।

धरती से 355 मील ऊपर की उड़ान
इसाकमैन ने तीन दिनों के लिए उड़ान भरने और जमीन से 355 मील ऊपर जाने का फैसला किया है। वर्ष 2009 के बाद किसी भी मानव ने इस दूरी तक स्पेस की यात्रा नहीं की है। तब अंतरिक्ष यात्रियों ने हबल स्पेस टेलीस्कोप का दौरा किया था। अंतरिक्ष यान पृथ्वी की परिक्रमा करेगा, लेकिन अंतरिक्ष स्टेशन पर डाक नहीं करेगा। यह ग्रुप अंतरराष्‍ट्रीय स्पेस स्टेशन से ज्यादा ऊंचाई तक जाएगा और तीन दिन तक व्यू का नजारा लेगा। इस दौरान अंतरिक्ष में प्रयोग भी किए जाएंगे। इस अंतरिक्ष यात्रा में इसकमैन के अलावा फ‍िजिशन हेली आर्सेना, एयर फोर्स इंजिनियर क्रिस सेंब्रोस्‍की और साइंटिस्‍ट डा. सायन प्राक्‍टर भी जाएंगी। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस स्‍पेसशिप का बाथरूम छत पर होगा। यहां से शानदार व्‍यू भी दिखेगा। यह बाथरूम जहां होगा, उसके ऊपर शीशे का गुंबद जैसा भी होगा जिसे कुपोला (Cupola) नाम दिया गया है।

आखिर क्या होता है स्पेस टूरिज्म
धरती से स्पेस तक की यात्रा को स्पेस टूरिज्म कहा जाता है। इसमें स्पेस क्राफ्ट के अंदर से ही यात्रियों को अंतरिक्ष का नजारा दिखाया जाता है। वहां से नीचे धरती दिखाई जाती है। इस दौरान गुरुत्वाकर्षण की कमी के चलते यात्री प्लेन के अंदर हवा में ही रहते हैं। टूर से पहले यात्रियों को बाकायदा इसका प्रशिक्षण दिया जाता है। कंपनी के ट्रेंड क्रू मेम्बर्स मदद के लिए हरदम साथ होंगे।
वर्जिन गैलेक्टिक अंतरिक्ष पर ले जाने के लिए यात्रियों की प्री-बुकिंग हो चुकी है। कंपनी इन लोगों को अंतरिक्ष की सैर कराएगी। कमर्शियल लांच के बाद पहले ट्रिप में खुद कंपनी के मालिक रिचर्ड ब्रेन्सन अपने दोनों बेटों के साथ यात्रा पर जाएंगे। वर्जिन गैलेक्टिक के अलावा 50 अन्य कंपनियां भी इस ओर काम कर रही हैं। अमेजन ग्रुप की ब्लू ओरिजिन, स्पेस एडवेंचर्स, स्पेसएक्स, कोस्मोकर्स, रोस्कोमोस और एक्सिओम स्पेस इनमें प्रमुख हैं। वर्जिन गैलेक्टिक के मुताबिक यह ट्रिप दो एयर विमानों के साथ शुरू होगी।
50 हजार फीट की ऊंचाई पर एक विमान स्पेस में जाने वाले मूल विमान से दूर हो जाएगा। यहां से यह विमान महज 60 सेकंड में स्पेस में पहुंच जाएगा। स्पेस में जाने के बाद विमान उल्टा हो जाएगा, जिससे अंदर बैठे यात्री विमान में बने विंडो से धरती को देख सकेंगे और स्पेस में रहने का आनंद उठा सकेंगे। दो पायलट और छ पैसेंजर वाली यह ट्रिप कुल 90 मिनट की होगी। वर्जिन गैलेक्टिक ने ढाई लाख डालर यानी करीब 1.75 करोड़ रुपए इसके लिए तय किए हैं।
अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन अपनी कमर्शियल फ्लाइट लांच कर चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके टिकट 2 से 3 लाख डालर यानी 1.40 से 2.10 करोड़ रुपए के हैं। भविष्य में यह खर्चा कम होकर 40 से 50 हजार डालर यानी करीब 27 से 34 लाख रुपए तक आ सकता है।
कोई भी ऐसा शख्स स्पेस की सैर कर सकता है जो शारीरिक रूप से फिट हो। अंतरिक्ष यात्रा के लिए शारीरिक रूप से मजबू होना बहुत जरूरी होता है। यात्रा के शुरुआती 24 घंटे बहुत चुनौतिपूर्ण होते हैं। यात्रा के समय जी घबराने के साथ ही चक्कर भी आता है। धरती पर दोबार लौटने के बाद आपको बहुत भारी फील होता है। अभी तक सात लोगों ने ही टूरिस्ट के तौर पर स्पेस की यात्रा की है। 28 अप्रैल, 2001 को 60 साल के अमेरिकी बिजनेसमैन डेनिस टीटो ऐसे पहले शख्स थे, जिन्होंने पहली बार एक टूरिस्ट के तौर पर स्पेस पर 8 दिन बिताए थे।


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