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नेपाल : आई अचानक बाढ़ ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है कि कई गांवों में कुछ ही समय में हालात बिगड़ गए। तेज बहाव के साथ आया पानी अपने साथ घर, सड़कें, पुल और कई अहम ढांचों को बहा ले गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है।
नेपाल के रसुवा जिले और चीन सीमा से लगे इलाकों में भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर नदी ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते आसपास के इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
आखिर इतनी तेजी से कैसे आई बाढ़?
विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में अचानक तेज बारिश, ग्लेशियर क्षेत्र से आने वाला पानी और नदियों में तेजी से बढ़ता जलस्तर फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ का कारण बन सकता है।
नेपाल जैसे पहाड़ी देश में नदियां संकरी घाटियों से होकर गुजरती हैं। ऐसे में जब थोड़े समय में बहुत ज्यादा पानी आता है तो नदी का बहाव कई गुना बढ़ जाता है और आसपास के क्षेत्रों में तबाही मच जाती है।
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ भी इसी तरह की अचानक आपदा बताई जा रही है। तेज बहाव के कारण कई जगहों पर सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।
गांवों में मची तबाही
बाढ़ के पानी ने नेपाल के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कई गांवों में पानी घुस गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कुछ जगहों पर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और निर्माण कार्यों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार राहत कार्यों में जुटी हैं। प्रभावित लोगों को निकालने और जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
क्या बिहार तक पहुंचेगा बाढ़ का पानी?
नेपाल से निकलने वाली कई नदियां भारत के बिहार राज्य में प्रवेश करती हैं। इसलिए नेपाल में भारी बारिश या अचानक पानी छोड़े जाने की स्थिति में बिहार के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
बिहार में गंडक, कोसी, बागमती जैसी नदियों का जलस्तर नेपाल के बारिश वाले क्षेत्रों से प्रभावित होता है। हालांकि नेपाल में आई इस बाढ़ का असर बिहार में कितना होगा, यह नदी के बहाव, बारिश की स्थिति और पानी की मात्रा पर निर्भर करेगा।
फिलहाल बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
पहले भी नेपाल से आने वाले पानी ने बढ़ाई है चिंता
नेपाल में भारी बारिश के बाद बिहार में बाढ़ की स्थिति बनना कोई नई बात नहीं है। दोनों देशों की नदियों का आपस में जुड़ाव होने के कारण मानसून के दौरान नेपाल की स्थिति का सीधा असर बिहार के कई जिलों पर पड़ता है।
हर साल मानसून के दौरान प्रशासन नेपाल से आने वाले पानी, बैराजों के जलस्तर और नदियों के बहाव पर निगरानी रखता है।
आपदा ने बढ़ाई तैयारी की जरूरत
नेपाल की इस अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में आपदा प्रबंधन की चुनौती को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर चेतावनी प्रणाली, बेहतर नदी प्रबंधन और सुरक्षित निर्माण व्यवस्था से ऐसी आपदाओं में नुकसान को कम किया जा सकता है।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि बिहार समेत भारत के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
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