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आसमान से गिरीं मछलियां, लोग रह गए हैरान

Saba Naaz
23 July 2026 5:40 PM IST
आसमान से गिरीं मछलियां, लोग रह गए हैरान
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वाशिंगटन। बारिश, बर्फ या ओले आसमान से गिरते हुए तो आपने कई बार देखे होंगे, लेकिन अगर आसमान से मछलियां गिरने लगें तो यह नजारा किसी चमत्कार से कम नहीं लगेगा। अमेरिका के यूटा राज्य की पहाड़ी झीलों में ऐसा नजारा देखने को मिलता है, जहां हवाई जहाजों से हजारों छोटी मछलियां झीलों में छोड़ी जाती हैं। हालांकि यह कोई प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और मछली पालन की एक खास रणनीति है।

यूटा की ऊंची पहाड़ियों में स्थित कई झीलें ऐसी हैं, जहां सड़क या अन्य साधनों से पहुंचना बेहद मुश्किल है। इन दुर्गम इलाकों में मछलियों की संख्या बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक और वन्यजीव विभाग हवाई जहाजों का इस्तेमाल करते हैं। दशकों से चली आ रही यह प्रक्रिया अब यूटा की पहचान बन चुकी है।

क्यों गिराई जाती हैं आसमान से मछलियां?

यूटा की कई पहाड़ी झीलों में पहले प्राकृतिक रूप से मछलियां मौजूद नहीं थीं या उनकी संख्या बेहद कम थी। समय के साथ इन झीलों में मछली पकड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ी, जिससे मछलियों की आबादी प्रभावित होने लगी। ऐसे में इन झीलों में मछलियों की संख्या बनाए रखने के लिए हर साल नई मछलियां छोड़ी जाती हैं।

इन झीलों में मछलियां पहुंचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका हवाई जहाज है। पहाड़ी रास्तों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ट्रक या अन्य वाहनों से यहां पहुंचना लगभग असंभव होता है। इसलिए छोटे विमानों की मदद से मछलियों को सीधे झीलों तक पहुंचाया जाता है।

कैसे होती है मछलियों की हवाई बारिश?

यूटा का डिविजन ऑफ वाइल्डलाइफ रिसोर्सेज (DWR) इस प्रक्रिया को अंजाम देता है। इसके लिए छोटे हवाई जहाजों में विशेष टैंक लगाए जाते हैं, जिनमें हजारों छोटी ट्राउट और अन्य प्रजातियों की मछलियां रखी जाती हैं।

इसके बाद विमान पहाड़ी झीलों के ऊपर पहुंचता है और उचित ऊंचाई से मछलियों को पानी में छोड़ दिया जाता है। हवा में गिरते समय मछलियां सीधे झील के पानी में पहुंच जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी मछलियां इस प्रक्रिया को आसानी से सहन कर लेती हैं और बड़ी संख्या में जीवित रहती हैं।

मछली संरक्षण के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा

यूटा की पहाड़ी झीलें हाइकिंग और मछली पकड़ने के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग ट्राउट मछली पकड़ने के लिए पहुंचते हैं। मछलियों की संख्या बनाए रखने से स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।

वन्यजीव विभाग का मानना है कि यह तरीका न केवल झीलों के पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि लोगों को मनोरंजन के लिए बेहतर अवसर भी देता है।

दशकों पुरानी है यह तकनीक

मछलियों को हवाई जहाज से झीलों में छोड़ने की यह तकनीक कोई नई नहीं है। यूटा में इसका इस्तेमाल कई दशकों से किया जा रहा है। समय के साथ इसमें सुधार भी किए गए हैं ताकि मछलियों की सुरक्षा और जीवित रहने की दर बढ़ाई जा सके।

पहले इस काम के लिए काफी मेहनत और समय लगता था, लेकिन आधुनिक तकनीक और बेहतर विमानों के इस्तेमाल से अब यह प्रक्रिया अधिक आसान हो गई है।

प्रकृति और तकनीक का अनोखा मेल

पहली नजर में आसमान से गिरती मछलियां किसी रहस्य या चमत्कार जैसी लग सकती हैं, लेकिन इसके पीछे विज्ञान और संरक्षण की सोच काम करती है। यह तरीका दिखाता है कि किस तरह इंसान आधुनिक तकनीक की मदद से प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने का प्रयास कर रहा है।

यूटा की पहाड़ियों में होने वाली यह अनोखी "मछली बारिश" वास्तव में प्रकृति और विज्ञान के मेल का उदाहरण है, जहां हवाई जहाजों की मदद से दूर-दराज की झीलों में जीवन को बनाए रखने की कोशिश की जाती है।

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