
वर्ल्ड : हाल ही में जारी वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2024 में फिनलैंड ने एक बार फिर दुनिया के सबसे खुशहाल देश का ताज अपने नाम किया है। यह लगातार सातवीं बार है जब फिनलैंड पहले स्थान पर बना हुआ है। वहीं, भारत की रैंकिंग में सुधार तो हुआ है, लेकिन यह अब भी अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से पीछे बना हुआ है।
भारत की स्थिति कैसी रही?
इस साल की रिपोर्ट में भारत की ग्लोबल रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों ने भारत से बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि भारत में युवा और शहरी क्षेत्रों में खुशी का स्तर बढ़ रहा है, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
टॉप 10 सबसे खुशहाल देश:
1️⃣ फिनलैंड
2️⃣ डेनमार्क
3️⃣ आइसलैंड
4️⃣ स्वीडन
5️⃣ इज़राइल
6️⃣ नीदरलैंड
7️⃣ नॉर्वे
8️⃣ लक्ज़मबर्ग
9️⃣ स्विट्जरलैंड
🔟 ऑस्ट्रेलिया
रैंकिंग का आधार क्या है?
यह रिपोर्ट मुख्य रूप से GDP (सकल घरेलू उत्पाद), सामाजिक समर्थन, जीवन प्रत्याशा, स्वतंत्रता, उदारता और भ्रष्टाचार के स्तर जैसे कारकों पर आधारित होती है।
पाकिस्तान से भारत क्यों पीछे?
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में बढ़ती अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ते शहरी विकास के बावजूद सामाजिक असमानता, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, और जीवन संतोष जैसे मुद्दों के कारण इसकी रैंकिंग अपेक्षाकृत कम रही। वहीं, पाकिस्तान में सामाजिक जुड़ाव और पारिवारिक सहयोग जैसे कारकों ने इसे बेहतर स्कोर दिलाने में मदद की।
फिनलैंड क्यों सबसे खुशहाल?
फिनलैंड की लगातार टॉप पर बने रहने की वजहें हैं:
✅ बेहतर वेलफेयर सिस्टम
✅ संतुलित वर्क-लाइफ
✅ बेहतरीन हेल्थकेयर सुविधाएं
✅ कम अपराध दर
✅ प्राकृतिक सौंदर्य और मानसिक शांति को बढ़ावा
भारत को कैसे सुधार की जरूरत?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को सामाजिक सुरक्षा, हेल्थकेयर सिस्टम, मेंटल हेल्थ अवेयरनेस और रोजगार अवसरों में सुधार करना होगा, ताकि देश की हैप्पीनेस रैंकिंग को बेहतर बनाया जा सके।





