
नेपाल : आई भीषण बाढ़ के बाद एक हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में 93 मजदूरों के लापता होने की खबर से हड़कंप मच गया। मजदूरों के सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका के बीच नेपाली सेना, इंजीनियरों और ड्रोन टीम ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया।
यह मामला नेपाल के रसुवा जिले में स्थित 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना से जुड़ा है। भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के बाद आशंका जताई गई थी कि कुछ मजदूर सुरंग के दूसरे छोर पर फंस गए हैं। इसके बाद सुरंग के अंदर पहुंचकर मजदूरों की तलाश शुरू की गई।
सुरंग में मजदूरों के फंसे होने की आशंका
They sent a thermal drone into the dark.
— Chinese Pulse (@ChinaNet1234) August 31, 2026
This is Rasuwaghadi Tunnel. Five days after the flood. The army walked it. A drone flew it. They were looking for heat. For anyone still alive.
On the stretch they reached: no one at surface level.
That is the part the timeline has not… pic.twitter.com/brtlRoWmv5
जानकारी के अनुसार, बाढ़ के बाद रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना के आसपास हालात बिगड़ गए थे। नदी में अचानक पानी बढ़ने के कारण परियोजना क्षेत्र प्रभावित हुआ।
इसके बाद आशंका जताई गई कि परियोजना में काम कर रहे 93 मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए हैं। इस सूचना के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
थर्मल ड्रोन से की गई खोज
NEPAL FLOOD: NO SURVIVORS FOUND INSIDE RASUWAGADHI HYDROPOWER TUNNEL
— Subodh Kumar (@kumarsubodh_) August 31, 2026
A Nepal Army-led rescue team searching the flood-hit Rasuwagadhi Hydropower Project tunnel found no survivors and has returned to Dhunche.
The team, aided by engineers and drones, searched the tunnel up to its… pic.twitter.com/c7EZ2Cxqu7
मजदूरों का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। बचाव दल ने सुरंग के अंदर थर्मल ड्रोन भेजकर तलाशी अभियान चलाया।
थर्मल ड्रोन की मदद से सुरंग के भीतर मौजूद किसी भी व्यक्ति की गर्मी या गतिविधि का पता लगाने की कोशिश की गई।
हालांकि, तलाशी अभियान के दौरान किसी भी मजदूर के सुरंग के अंदर मौजूद होने का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।
सेना और विशेषज्ञों ने संभाला मोर्चा
बचाव अभियान में नेपाली सेना के जवानों के साथ इंजीनियरों और ड्रोन विशेषज्ञों की टीम शामिल रही।
टीमों ने सुरंग के अंदर और आसपास के क्षेत्रों की जांच की। बाढ़ के कारण प्रभावित हिस्सों को भी देखा गया ताकि मजदूरों की स्थिति का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य में हर संभव तकनीकी और मानवीय संसाधनों का इस्तेमाल किया गया।
बाढ़ से प्रभावित हुआ परियोजना क्षेत्र
रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना नेपाल की महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं में शामिल है।
भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के कारण परियोजना क्षेत्र में पानी का दबाव बढ़ गया और कई जगहों पर मुश्किल हालात पैदा हो गए।
बाढ़ के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई और परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों की स्थिति को लेकर जानकारी जुटाई जाने लगी।
परिवारों में बढ़ी चिंता
93 मजदूरों के लापता होने की खबर के बाद उनके परिवारों में चिंता का माहौल बन गया।
परिजन अपने रिश्तेदारों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से उन्हें लगातार स्थिति की जानकारी देने की कोशिश की जा रही है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल बचाव दल को सुरंग के अंदर मजदूरों की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान और जांच प्रक्रिया जारी है। सुरंग और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों की दोबारा जांच की जा सकती है।
मजदूर वास्तव में कहां हैं और बाढ़ के बाद उनकी स्थिति क्या है, इसकी पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
नेपाल में बाढ़ से व्यापक नुकसान
नेपाल में हाल के दिनों में आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों को प्रभावित किया है।
कई स्थानों पर सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।
रसुवागढ़ी परियोजना की घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों की जरूरत को सामने ला दिया है।
बचाव अभियान पर सभी की नजर
फिलहाल सभी की नजर रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना में चल रहे बचाव अभियान पर है।
प्रशासन मजदूरों की स्थिति का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। हालांकि शुरुआती तलाशी में कोई सुराग नहीं मिला है, लेकिन अभियान जारी रखा गया है।
नेपाल में बाढ़ के बाद सामने आई यह घटना राहत और बचाव एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अब आगे की जांच और तलाशी अभियान से ही साफ हो सकेगा कि लापता बताए जा रहे मजदूरों की वास्तविक स्थिति क्या है।





