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चीन को सता रहा कोरोना की पहली लहर जैसा डर, मैटल बॉक्‍स में किया हजारों लोगों को कैद

Neha Dani
13 Jan 2022 1:53 AM GMT
चीन को सता रहा कोरोना की पहली लहर जैसा डर, मैटल बॉक्‍स में किया हजारों लोगों को कैद
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बच्‍चों और गर्भवती महिलाओं को भी इसमें रखा जाता है.

कोरोना के खतरे को देखते हुए चीन ने अपने कई शहरों में अब तक का सबसे कठोरतम लॉकडाउन लगा दिया है. शियान शहर में करीब सवा करोड़ और योझोयु शहर में करीब 10 लाख लोग लॉकडाउन के कारण अपने घरों में कैद में हैं. चीन के अनयांग शहर में 55 लाख की आबादी घरों में कैद हो गई है.

चीन ने कोरोनावायरस के नए वैरिएंट को रोकने के लि‍ए उठाया सख्‍त कदम
Daily Mail की खबर के अनुसार, दरअसल चीन ने कोरोनावायरस के नए वैरिएंट को रोकने के लिए अपने लोगों पर सख्त नियम लागू कर दिए हैं. इस वजह से चीन में 'जीरो कोविड पॉलिसी' के तहत करीब 2 करोड़ से ज्‍यादा लोग सख्‍त लॉकडाउन के घेरे में हैं और अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हैं.
लोगों को छोटे से मेटल बॉक्‍स में दो हफ्तों के लिए रखा जा रहा
एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना का डर चीन को इस कदर सता रहा है कि सिर्फ कोरोना की आशंका के चलते लोगों को छोटे से मेटल बॉक्‍स में दो हफ्तों के लिए रखा जा रहा है. मेटल बॉक्‍स में एक बेड और टॉयलेट है.
चीनी मीडिया ने खुद शेयर की तस्‍वीरें
मेटल बॉक्‍स में क्‍वारनटीन लोगों की तस्‍वीरों को चीनी मीडिया ने खुद शेयर किया है. इन तस्वीरों में दिखाया गया है कि किस तरह Shijiazhuang प्रांत में 108 एकड़ में बने क्‍वारनटीन कैंपस में हजारों लोगों को रखा जा रहा है.
मेटल बॉक्‍स में रहने वालों ने सुनाए बुरे अनुभव
इस क्‍वारनटीन कैंपस से निकले लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ठंडे मेटल बॉक्‍स में उन्‍हें बहुत ही कम भोजन मिलता था. बसों में भरकर उन्‍हें अपने घरों से फोर्सली यहां पर लाया गया. यहां कुछ भी नहीं सिर्फ बुनियादी जरूरते हैं. बुजुर्गों, बच्‍चों और गर्भवती महिलाओं को भी इसमें रखा जाता है.


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