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पाकिस्तान में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, 672 स्कूलों की हालत खराब

Ratna Netam
23 Oct 2026 3:10 PM IST
पाकिस्तान में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, 672 स्कूलों की हालत खराब
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति सामने आई है। जिले के सैकड़ों विद्यालयों में क्षतिग्रस्त क्लासरूम, शौचालयों की कमी और सुरक्षा के लिए जरूरी बाउंड्री वॉल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जिला शिक्षा कार्यालय के आकलन के अनुसार, इन समस्याओं को दूर करने और विद्यालयों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए लगभग 4.509 अरब पाकिस्तानी रुपये की आवश्यकता है। यह जानकारी पाकिस्तानी समाचार पत्र 'डॉन' की 22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में सामने आई है।
672 सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी
जिला शिक्षा कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, बन्नू जिले के 672 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कमियां सामने आई हैं। इनमें कुल 711 क्लासरूम की मरम्मत की जरूरत बताई गई है।इसके अलावा 209 स्कूलों में शौचालयों की आवश्यकता है, जबकि 33 शिक्षण संस्थानों में बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हैं या मौजूद ही नहीं हैं।रिपोर्ट में बताया गया है कि विद्यालयों की खराब स्थिति विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में बड़ी बाधा बन सकती है।क्षतिग्रस्त कक्षाओं और स्वच्छता सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, बाउंड्री वॉल का अभाव विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को भी बढ़ाता है।
प्राथमिक स्कूलों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
जिला शिक्षा कार्यालय के आकलन में सबसे अधिक समस्याएं प्राथमिक विद्यालयों में सामने आई हैं। जिले के 585 प्राथमिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगभग 3.720 अरब पाकिस्तानी रुपये की जरूरत बताई गई है।इन विद्यालयों में 630 क्लासरूम की मरम्मत, 188 शौचालयों के निर्माण और 22 बाउंड्री वॉल के निर्माण अथवा पुनर्निर्माण की आवश्यकता है।प्राथमिक विद्यालयों के लिए अनुमानित राशि जिले की कुल वित्तीय जरूरत का लगभग 82.5 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट होता है कि बुनियादी ढांचे की सबसे गंभीर कमियां शुरुआती शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों में हैं।
माध्यमिक और उच्च विद्यालय भी प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार, केवल प्राथमिक विद्यालय ही नहीं, बल्कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षण संस्थान भी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।जिले के 35 मिडिल स्कूलों में 12 क्लासरूम की मरम्मत, सात शौचालयों और पांच बाउंड्री वॉल की आवश्यकता है। इन सुधार कार्यों पर लगभग 34.295 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च होने का अनुमान है।इसी तरह 39 हाई स्कूलों में 59 क्लासरूम की मरम्मत, 11 शौचालयों और पांच बाउंड्री वॉल के लिए लगभग 39.452 करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई है।वहीं, 13 हायर सेकेंडरी स्कूलों में 10 क्लासरूम, तीन शौचालयों और एक बाउंड्री वॉल से संबंधित कार्यों के लिए लगभग 5.156 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है।
बन्नू तहसील में सबसे ज्यादा शौचालयों की जरूरत
रिपोर्ट में क्षेत्रवार आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए हैं। बन्नू तहसील के 417 सरकारी स्कूलों में 227 क्लासरूम की मरम्मत जरूरी है। यहां 158 शौचालयों और 33 बाउंड्री वॉल के निर्माण अथवा मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है।वजीर उपखंड के 108 स्कूलों में 250 क्लासरूम की मरम्मत की जरूरत है, जबकि 32 शौचालय बनाए जाने हैं।मिरयान तहसील के 56 स्कूलों में 99 क्लासरूम और डोमेल तहसील के 42 स्कूलों में 49 क्लासरूम की मरम्मत आवश्यक बताई गई है।इसी तरह काकी तहसील के 30 विद्यालयों में 60 क्लासरूम और बकाखेल के 16 विद्यालयों में 26 क्लासरूम को मरम्मत की आवश्यकता है।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए निवेश जरूरी
बन्नू जिले में सामने आई इन कमियों ने सरकारी विद्यालयों के बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।शिक्षा से जुड़े बुनियादी संसाधनों का अभाव बच्चों के शैक्षणिक विकास, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से प्राथमिक विद्यालयों की खराब स्थिति चिंता का विषय है।जिला शिक्षा कार्यालय का आकलन बताता है कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता और योजनाबद्ध कार्यों की आवश्यकता होगी।अब संबंधित शिक्षा अधिकारियों और खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार के सामने चुनौती है कि विद्यालयों की मरम्मत और जरूरी सुविधाओं के लिए संसाधनों की व्यवस्था कैसे की जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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