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बांग्लादेश में दुर्गा पूजा की धूम 33,851 स्थानों पर होगा भव्य आयोजन

Ratna Netam
15 Oct 2026 3:22 PM IST
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा की धूम 33,851 स्थानों पर होगा भव्य आयोजन
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ढाका। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के सबसे बड़े धार्मिक त्योहार दुर्गा पूजा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों में भक्तिमय प्रार्थनाओं और पूजा मंडपों में आकर्षक सजावट के बीच मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। देशभर में इस वर्ष 33,851 स्थानों पर दुर्गा पूजा आयोजित करने की तैयारी है। श्रद्धालु पांच दिवसीय उत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना और पारिवारिक आयोजनों में हिस्सा लेंगे।बांग्लादेश में दुर्गा पूजा का उत्सव शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को महा षष्ठी के साथ शुरू होगा। इसके बाद महा सप्तमी, महा अष्टमी, महा नवमी और विजयादशमी के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उत्सव को लेकर मंदिरों और पूजा मंडपों में तैयारियां की जा रही हैं।
देशभर में 33,851 पूजा आयोजनों की तैयारी
बांग्लादेश पूजा उत्सव समिति के अनुसार, इस साल देशभर में लगभग 33,851 पूजा आयोजनों की योजना है। पिछले वर्ष यह संख्या 32,351 बताई गई थी। इस हिसाब से इस बार 1,500 अधिक आयोजन निर्धारित किए गए हैं।राजधानी ढाका में लगभग 258 पूजा आयोजन होने वाले हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 261 थी। इन आंकड़ों में सार्वजनिक पूजा मंडपों के साथ व्यक्तिगत घरों में आयोजित होने वाली पूजा भी शामिल है।देश के विभिन्न शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालु देवी दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना, पूजा मंडपों की सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हैं।
महा षष्ठी से शुरू होगा पांच दिवसीय उत्सव
दुर्गा पूजा की शुरुआत महा षष्ठी से होगी। इस अवसर पर देवी दुर्गा का आह्वान किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न तिथियों पर पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालु देवी दुर्गा की आराधना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा कल्याण की कामना करते हैं। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।महा अष्टमी और महा नवमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना होगी। उत्सव के अंतिम चरण में विजयादशमी पर देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
सरकार ने बढ़ाई त्योहार की छुट्टियां
दुर्गा पूजा के उत्साह को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने सामान्य अवकाश की अवधि में एक दिन की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इससे त्योहार के लिए सरकारी छुट्टियों की कुल अवधि तीन दिन हो जाएगी।सप्ताहांत और अन्य अवकाश को मिलाकर लोगों को लगभग पांच दिनों का समय मिलने की उम्मीद है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले परिवारों को एक साथ त्योहार मनाने का अवसर मिलेगा।बांग्लादेश पूजा उत्सव समिति के महासचिव संतोष शर्मा के अनुसार, इस वर्ष दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
त्योहार मनाने अपने गांव लौट रहे लोग
दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि परिवारों के पुनर्मिलन और सामाजिक मेलजोल का भी महत्वपूर्ण अवसर है। यही कारण है कि ढाका और अन्य बड़े शहरों में रहने वाले लोग अपने पैतृक गांवों और गृहनगरों की ओर लौट रहे हैं।बांग्लादेश पूजा समारोह समिति के पूर्व अध्यक्ष काजोल देबनाथ ने बताया कि इस साल बड़ी संख्या में लोग ढाका और अन्य प्रमुख शहरों से अपने गांव लौट रहे हैं। इससे उत्सव का माहौल पहले से अधिक उत्साहपूर्ण हो गया है।त्योहार के दौरान परिवार के सदस्य एक साथ पूजा-अर्चना करते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों में भाग लेते हैं। पूजा मंडपों में श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
मंदिरों और पूजा मंडपों में रौनक
दुर्गा पूजा को लेकर बांग्लादेश के मंदिरों और पूजा मंडपों में विशेष तैयारियां चल रही हैं। देवी दुर्गा की प्रतिमाओं की सजावट और पूजा की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।दुर्गा पूजा बांग्लादेश के हिंदू समुदाय की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। पांच दिवसीय उत्सव के दौरान श्रद्धालु देवी दुर्गा की आराधना के साथ पारिवारिक और सामुदायिक आयोजनों में हिस्सा लेंगे।
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