
World: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका को गहरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संघर्ष विराम खत्म होने के बयान के बाद हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हमलों के जवाब में की गई बताई जा रही है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार केंद्रों पर सटीक हथियारों से हमले किए गए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र में ईरान की कई छोटी सैन्य नौकाओं को भी निशाना बनाया गया।
वहीं ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास धमाकों की आवाज सुनी गई। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इस सैन्य तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल से दुनिया भर में महंगाई और ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ गई है।
ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का किया दावा
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी पलटवार का दावा किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। IRGC के अनुसार, ईरानी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाकर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय और कुवैत का अली अल-सलेम एयर बेस शामिल होने का दावा किया गया है। बहरीन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को देखते हुए वहां सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, हमले की आशंका के बीच लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई।
अमेरिकी ड्रोन गिराने का ईरान का दावा
ईरानी मीडिया फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, IRGC ने दावा किया है कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने बुशहर प्रांत के ऊपर अमेरिका के MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है।
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष विराम समाप्त हो चुका है। उन्होंने बातचीत को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान के साथ बातचीत का कोई खास फायदा नजर नहीं आ रहा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव काफी बढ़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है, ताकि यह संघर्ष बड़े युद्ध में न बदले। ईरान में हाल के दिनों में राजनीतिक और सैन्य तनाव का माहौल बना हुआ है। वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की गतिविधियों पर भी पूरी दुनिया की नजर है।
फिलहाल मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अगर दोनों देशों के बीच जवाबी हमले जारी रहते हैं तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।





