विश्व

तानाशाह किम जोंग उन ने देश के 10 नागरिकों को सरेआम मौत के घाट उतरा, वजह बहुत छोटी

Neha Dani
24 Jun 2021 8:25 AM GMT
तानाशाह किम जोंग उन ने देश के 10 नागरिकों को सरेआम मौत के घाट उतरा, वजह बहुत छोटी
x
गिरफ्तार किया गया है. बीते तीन हफ्तों में चीन सीमा से सटे प्रांतों में 150 से ज्यादा लोगों को पकड़ा जा चुका है.

नॉर्थ कोरिया (North Korea) के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un)ने अपने देश के 10 नागरिकों को सरेआम मौत के घाट उतरवा दिया है. जानकारी के मुताबिक उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने चीनी मोबाइल फोन नेटवर्क के जरिए बाहरी दुनिया से संपर्क करने की कोशिश की थी. सनकी किम जोंग उन ने नॉर्थ कोरिया के लोगों पर चीनी मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल करने पर रोक लगा रखी है. यहां देश से बाहर फोन पर बात करना जुर्म है. (North Korea executes 10 people for secretly used Chinese phones to call outside world)

बताया जा रहा है कि सत्तारूढ़ पार्टी ने 150 नॉर्थ कोरियाई लोगों को इस आरोप में पकड़ा है. मार्च में सीक्रेट पुलिस ने खुफिया निगरानी रखते हुए यह खास ऑपरेशन चलाया था. डेली एनके जापान की एक खबर के अनुसार नॉर्थ कोरिया के सूत्रों ने बताया है कि देशभर में इसे लेकर छापेमारी चल रही है और दोषियों को सरेआम मौत की सजा दी जा रही है.
दूसरे देशों से मदद लेना पड़ रहा भारी
नॉर्थ कोरिया इस समय भीषण भुखमरी के दौर से गुजर रहा है. इस देश में खाद्य संकट बना हुआ है. इस वजह से रोजमर्रा के सामान की कीमतों ने भी आसमान छू लिया है. मगर इस स्थिति में नॉर्थ कोरिया के लोग बाहर से मदद भी नहीं ले सकते हैं. चीन सीमा से लगे रयानगैंग प्रांत के सूत्रों ने बताया कि सीमा पार से सामान लेने पर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है. लोगों को देश से बाहर भेजने, सामान मंगवाने, देश से बाहर कॉल करवाने या पैसा ट्रांसफर करने के आरोप में कई लोगों को पकड़ा गया है. इन सबका संबंध साउथ कोरिया से बताया जा रहा है.
तस्करी के फोन और सिम पर निर्भर
नॉर्थ कोरिया के लोगों के कई परिजन साउथ कोरिया में हैं. उनसे संपर्क के लिए वे तस्करी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड पर भी निर्भर हैं. इसके जरिए वे देश से बाहर से मदद मंगवाते हैं. 2008 से पहले तक यहां चार साल तक मोबाइल फोन रखने पर बैन था. अभी भी घरेलू नेटवर्क को लेकर काफी पाबंदियां हैं. अन्य सूत्रों ने बताया है कि मई में भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बीते तीन हफ्तों में चीन सीमा से सटे प्रांतों में 150 से ज्यादा लोगों को पकड़ा जा चुका है.

Next Story