
बोगोटा। कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली 7.4 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। भूकंप के कारण देश के कई हिस्सों में इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। सीएनएन ने कोलंबियन एसोसिएशन ऑफ कैपिटल सिटीज के हवाले से बताया कि हादसे में कम से कम 132 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 570 से अधिक लोग घायल हुए हैं। भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में पेरेरा शामिल है, जहां अकेले 60 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और मृतकों तथा घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Así colapsó parte del Hospital Universitario de Cali, una de las ciudades más golpeadas por el sismo. #Colombia #Terremoto pic.twitter.com/1q3VRRUVzH
— Cristian Crespo F. 🇨🇺 (@cristiancrespoj) August 10, 2026
भूकंप के बाद देशभर में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है। कई इलाकों में बड़ी संख्या में इमारतों को नुकसान पहुंचा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार 86 इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं। वहीं पांच राजधानी शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। भूकंप के कारण सात हवाई अड्डों पर भी कामकाज रोकना पड़ा है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और बचाव दलों की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका है।
पेरेरा में सबसे ज्यादा तबाही
NEW footage is circulating from a magnitude 7.4 earthquake that struck Colombia's Pacific region today.
— Clash Report (@clashreport) August 10, 2026
The epicenter was near San José del Palmar in Chocó department, at a depth of around 96 km.
It was felt strongly across much of Colombia—including Bogotá, Medellín, and… pic.twitter.com/X03limcIts
भूकंप से पेरेरा शहर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां 60 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। कई इमारतों के ढहने के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। राहत और बचाव दल मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं।
भूकंप के बाद सामने आई तस्वीरों में कई इलाकों में इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान दिखाई दिया। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। कई लोग अपने घरों और क्षतिग्रस्त इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में चले गए हैं।
पांच शहरों में रेड अलर्ट
कोलंबियन एसोसिएशन ऑफ कैपिटल सिटीज के मुताबिक, देश के पांच राजधानी शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। क्षतिग्रस्त इमारतों के आसपास लोगों की आवाजाही रोकने और संभावित आफ्टरशॉक्स से बचाव के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए राहत एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है। बचाव दल उन स्थानों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, जहां इमारतें ढहने के बाद लोगों के दबे होने की आशंका है।
राष्ट्रपति ने बुलाई आपदा प्रबंधन बैठक
कोलंबिया के राष्ट्रपति के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी बैठक में कोलंबियन एसोसिएशन ऑफ कैपिटल सिटीज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक में भूकंप से हुए नुकसान, राहत और बचाव कार्यों तथा प्रभावित इलाकों में तत्काल सहायता पहुंचाने को लेकर चर्चा की गई।
सरकार का जोर फिलहाल घायलों को अस्पताल पहुंचाने, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने पर है। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त क्षेत्रों का आकलन भी कराया जा रहा है।
86 इमारतें ढहीं
भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती आकलन में 86 इमारतों के ढहने की जानकारी सामने आई है। कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत एजेंसियां क्षतिग्रस्त भवनों की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन स्थानों पर लोगों को सुरक्षित तरीके से प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है।
भूकंप प्रभावित इलाकों में इमारतों के ढहने से सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचे भी प्रभावित हुए हैं। इससे राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
सात हवाई अड्डों पर कामकाज प्रभावित
भूकंप के कारण देश के सात हवाई अड्डों पर कामकाज रोकने की जानकारी भी सामने आई है। हवाई सेवाओं के प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री और बचाव दलों को पहुंचाने में भी अतिरिक्त चुनौती पैदा हो सकती है।
प्रशासन हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जांच कर रहा है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही प्रभावित हवाई अड्डों पर संचालन पूरी तरह बहाल होने की उम्मीद है।
लगातार जारी है राहत-बचाव अभियान
भूकंप के बाद बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। अस्पतालों में घायलों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
भूकंप जैसी आपदा के बाद शुरुआती कुछ घंटे राहत और बचाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना है। साथ ही गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
अधिकारियों और राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों तक पहुंचना है जहां भूकंप के कारण भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर संचार और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है।
इसी वजह से मृतकों और घायलों की संख्या आगे बढ़ सकती है। शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। आपदा के शुरुआती घंटों में मृतकों की संख्या 20 बताई गई थी, जबकि बाद के अपडेट में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा।
देश में दहशत का माहौल
शक्तिशाली भूकंप के झटकों के बाद कोलंबिया के कई हिस्सों में लोग दहशत में हैं। क्षतिग्रस्त इमारतों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है और संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है।
फिलहाल सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों का पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर है। पेरेरा समेत सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान तेज किया गया है। आने वाले घंटों में नुकसान का विस्तृत आकलन होने के साथ मृतकों और घायलों की संख्या की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।





