विश्व
यूक्रेन के आसमान में मंडरा रहे घातक 'शाहेद ड्रोन', जेलेंस्की ने कहा- अर्थव्यवस्था को निशाना बना रहा रूस
jantaserishta.com
13 Sept 2026 9:04 AM IST

x
कीव: यूक्रेन पर रूस के घातक हमले जारी हैं। शनिवार को भी रूस ने लगभग 500 ड्रोन से यूक्रेन पर हमला किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस को जब सैन्य मोर्चे पर सफलता नहीं मिली तो उसने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य सामान के गोदाम, पेट्रोल पंप, दवा निर्माण और भंडारण से जुड़ी सुविधाएं, आम यात्री ट्रेनों को निशाना बनाया जा रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर रूस के घातक हमलों की जानकारी साझा की। जेलेंस्की ने पोस्ट में बताया कि रूस के ड्रोन हमले आज पूरे दिन जारी रहे हैं, और इस समय भी "शाहेद" ड्रोन आसमान में मौजूद हैं। सुबह से अब तक लगभग 500 हमला करने वाले ड्रोन लॉन्च किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि असल में, रूस ने इस युद्ध को सिर्फ मोर्चे तक सीमित नहीं रखा है। जहां उसे सैन्य मोर्चे पर सफलता नहीं मिल रही, वहां उसने अब यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उसकी रणनीति बेहद सीधी है, उन सभी जगहों को नष्ट करना जो लोगों को युद्ध की कठिन परिस्थितियों में टिके रहने में मदद कर सकती हैं। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी हमलों में खाद्य सामान के गोदाम, पेट्रोल पंप, दवा निर्माण और भंडारण से जुड़ी सुविधाएं, आम यात्री ट्रेनें, रिहायशी इमारतें और नागरिक व्यवसायों को निशाना बनाया जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों में ही रूस ने एक इस्पात (स्टील) कारखाने पर हमला किया, जो एक भारतीय कारोबारी के स्वामित्व में है। इसके अलावा, सूरजमुखी तेल बनाने वाली एक अमेरिकी कंपनी और प्लंबिंग फिटिंग्स बनाने वाली एक पोलिश कंपनी को भी निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि रूसी हमलों का असर ट्रकों की पार्किंग, बंदरगाहों, शॉपिंग मॉल और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहता है और उसी के जरिए हमारे प्रतिरोध को तोड़ना चाहता है। इसलिए यह जरूरी है कि इन रूसी हमलों का जवाब सिर्फ उचित कार्रवाई से ही न दिया जाए, बल्कि हमारे सहयोगी देश इनकी स्पष्ट नैतिक और राजनीतिक निंदा भी करें।
उन्होंने कहा कि रूसी कंपनियां, जो युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाले सरकारी बजट में टैक्स देती हैं और वे रूसी अरबपति (ओलिगार्क्स) जिनके बिना राष्ट्रपति पुतिन की व्यवस्था की कल्पना भी नहीं की जा सकती, उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि जब तक यह युद्ध जारी है, दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं होनी चाहिए जहां वे पूरी शांति और आराम से रह सकें।
जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध शुरू होने के पहले दिन से ही हमारे सहयोगी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का उद्देश्य यह रहा है कि रूसी नेतृत्व अपने करीबी कारोबारियों को यह भरोसा न दिला सके कि उन्हें युद्ध के नतीजों का कोई असर नहीं झेलना पड़ेगा।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रतिबंध ऐसे ही जारी रहने चाहिए ताकि रूसी कारोबारी अपने नेतृत्व पर दबाव डालें और युद्ध खत्म करने की मांग करें। साथ ही रूस की अपने पड़ोसी देशों और यूरोप के प्रति नफरत की नीति को भी समाप्त करने की मांग करें।
जब यूक्रेन की अर्थव्यवस्था रूस के लिए सिर्फ एक निशाना बनकर रह गई है, तब निश्चित रूप से यह वह समय नहीं है कि यूरोप रूसी अरबपतियों को अपने मित्रों की तरह देखे। और जब रूस इस युद्ध को लंबा खींचने के लिए हर यूरो और हर डॉलर का इस्तेमाल कर रहा है, तब रूसी कंपनियों और कारोबारियों को ऐसा माहौल देना जहां वे युद्ध के असर को महसूस किए बिना सामान्य जीवन जी सकें, न केवल नैतिक रूप से गलत है बल्कि खुद के लिए भी नुकसानदायक और खतरनाक है।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





