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अमेरिका में गोल्डी बराड़ पर शिकंजा, पकड़वाने वाले को मिलेंगे 10 लाख डॉलर

nidhi
29 Sept 2026 6:44 AM IST
अमेरिका में गोल्डी बराड़ पर शिकंजा, पकड़वाने वाले को मिलेंगे 10 लाख डॉलर
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मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों की सूची में गोल्डी बराड़
वाशिंगटन: अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय मूल के गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर शिकंजा कसते हुए उसे अपनी आधिकारिक 'टॉप 10 मोस्ट वांटेड भगोड़ों' की सूची में शामिल कर लिया है। FBI ने गोल्डी बराड़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित अपराधियों में शामिल करते हुए उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए भारी इनाम की घोषणा की है।
FBI के मुताबिक, गोल्डी बराड़ पर अमेरिका में हिंसक अपराधों से जुड़े मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं। एजेंसी ने उसकी तलाश तेज कर दी है और उसे पकड़ने के लिए आम लोगों से भी सहयोग मांगा है। FBI की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल होने के बाद अब गोल्डी बराड़ की तलाश केवल भारत तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अमेरिकी एजेंसियां भी उसके खिलाफ सक्रिय हो गई हैं।
पंजाब से शुरू हुआ अपराध का सफर
सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पंजाब के फरीदकोट जिले का रहने वाला बताया जाता है। उसका नाम भारत में कई गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह कथित तौर पर एक संगठित अपराध गिरोह का संचालन करता रहा है और विदेश में रहकर भारत में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के आरोपों का सामना कर रहा है। गोल्डी बराड़ का नाम पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद काफी चर्चा में आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में उसकी भूमिका की जांच की गई थी। हालांकि, अदालत में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
FBI ने जारी किया इनाम
अमेरिकी एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी के लिए करीब 10 करोड़ रुपये (12.5 लाख अमेरिकी डॉलर) तक के इनाम की घोषणा की है। एजेंसी ने कहा है कि उसके बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वाले व्यक्ति को यह राशि दी जा सकती है, जिससे उसकी गिरफ्तारी या दोषसिद्धि में मदद मिले। FBI की टॉप 10 मोस्ट वांटेड भगोड़ों की सूची में शामिल होना किसी भी अपराधी के लिए बड़ी कार्रवाई मानी जाती है। इस सूची में ऐसे अपराधियों को रखा जाता है, जिन्हें पकड़ने के लिए FBI अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता के साथ काम करती है।
विदेश में छिपे होने की आशंका
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी बराड़ के कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय होने की जानकारी सामने आती रही है। भारत सरकार ने पहले भी उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मांगा है। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आ चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि विदेश में बैठकर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाया जा रहा है।
भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ा
गोल्डी बराड़ को FBI की सूची में शामिल किए जाने को भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों की एजेंसियां आतंकवाद, संगठित अपराध और सीमा पार अपराधों से जुड़े मामलों में सूचनाओं का आदान-प्रदान करती रही हैं। अब FBI की कार्रवाई के बाद गोल्डी बराड़ की तलाश का दायरा और बढ़ गया है। अमेरिकी एजेंसी उसकी गतिविधियों, संपर्कों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने में लगी है।
गैंगस्टरों पर वैश्विक कार्रवाई
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय जांच एजेंसियों ने विदेशों में सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। कई मामलों में इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी अपराधी का FBI की मोस्ट वांटेड सूची में आना उसकी तलाश को वैश्विक स्तर पर और गंभीर बना देता है। गोल्डी बराड़ के मामले में अब FBI के साथ-साथ भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी। उसकी गिरफ्तारी के लिए जारी प्रयासों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग अहम भूमिका निभा सकता है।
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