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पाकिस्तान के फटेगा कोरोना बम, लाहौर शहर के धार्मिक जुलूस में उमड़ी हजारों की भीड़

Chandravati Verma
4 May 2021 2:21 PM GMT
पाकिस्तान के फटेगा कोरोना बम, लाहौर शहर के धार्मिक जुलूस में उमड़ी हजारों की भीड़
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कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है

कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है. देश कोरोना वायरस की तीसरी लहर से जूझ रहा है. हालत यह है कि वैक्सीन के लिए भी पाक प्रधानमंत्री इमरान खान को दूसरे देशों के आगे हाथ फैलाना पड़ रहा है. मगर इस बीच पाकिस्तान में फिर से कोरोना विस्फोट की स्थिति बन चुकी है.

कोरोना नियमों की अवहेलना करते हुए सोमवार को लाहौर की सड़कों पर हजारों की भीड़ उमड़ी. हजारों की संख्या में लोगों ने एक धार्मिक जुलूस में हिस्सा लिया. सोशल डिस्टेंसिंग तो भूल जाइए, लोगों ने मास्क तक नहीं लगा रखे थे. भीड़ का आलम यह था कि वहां तिल रखने तक की जगह नहीं थी. लोगों के कंधे एक-दूसरे से टकरा रहे थे. लाहौर के पूर्वी शहर में उमड़ी शिया मुस्लिमों की भीड़ की वजह से पाकिस्तान में अब फिर से कोरोना वायरस के तेजी से फैलने की आशंका पैदा हो गई है.
सरकारी आदेश की उड़ी धज्जियां
पाक सरकार ने नोटिस जारी कर पैगंबर मुहम्मद के साथी और दामाद इमाम अली के दुनिया से जाने का शोक मनाने के लिए धार्मिक जुलूस निकालने पर पाबंदी लगाई थी. मगर स्थानीय निवासियों ने धार्मिक नेताओं ने इस आदेश की धज्जियां उड़ा दी. हाल ही में भारत के हरिद्वार में लाखों लोगों ने कुंभ में हिस्सा लिया था और माना गया कि कोरोना के फैलने की एक बड़ी वजह यह बना.
8 से 10 हजार लोग जुलूस में शामिल
इस धार्मिक जुलूस में शामिल हुए 28 साल के अली काजमी का कहना था कि जहां तक उसे याद है, उसने हर साल इस धार्मिक जुलूस में हिस्सा लिया है. एक अनुमान के मुताबिक इस जुलूस में कम से कम 8 से 10 हजार लोग शामिल थे. अली काजमी ने उलटे सरकार पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा, 'वे शिया मुसलमानों के धार्मिक कार्यक्रम को रोकने के लिए अलग-अलग बहाने बना रहे हैं. आज कोरोना वायरस है, इससे पहले सुरक्षा का हवाला दिया जाता था. ये सब बेकार के बहाने हैं.'
पाकिस्तान में 20 फीसदी शिया
पाकिस्तान की 22 करोड़ आबादी में करीब 20 फीसदी शिया मुस्लिम हैं. लाहौर के अलावा अन्य शहरों में भी धार्मिक जुलूस निकाले गए. पाकिस्तान शिया उलेमा काउंसिल ने जुलूस से पहले बयान जारी कर कहा कि इस धार्मिक जुलूस पर लगने वाले किसी भी प्रतिबंध को हम खारिज करते हैं. आपके स्थानीय चुनाव हो सकते हैं. आपके बाजार खुल सकते हैं. आपकी सरकार की बैठकें हो सकती हैं. तो फिर यह क्यों नहीं. लाहौर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि धार्मिक नेताओं से इस संबंध में बात करने की भी कोशिश की गई. मगर वह नहीं माने. बाद में उन्हें सुरक्षा भी दी गई.
पाक में कोरोना की तीसरी लहर
पाकिस्तान इस समय कोरोना वायरस की तीसरी लहर से जूझ रहा है. यहां 8 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वैक्सीन भी बहुत ही कम लोगों को लगी हे. पाकिस्तान सरकार हालिया समय में कई मौकों पर धार्मिक समुदायों के आगे झुकती दिखी है. रमजान के समय मस्जिदें खोली गई हैं और रात में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बिना लोग जमा हो रहे हैं.


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