विश्व

न्यूयॉर्क में RSS कार्यक्रम विवाद ममदानी के बयान पर BJP का पलटवार

Ratna Netam
29 Aug 2026 9:38 PM IST
न्यूयॉर्क में RSS कार्यक्रम विवाद ममदानी के बयान पर BJP का पलटवार
x
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर **जोहरान ममदानी** की टिप्पणी के बाद भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। ममदानी के बयान पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता **राम कदम** ने पलटवार करते हुए कहा कि संघ को समझने के लिए ममदानी को 10 हजार जन्म लेने पड़ेंगे।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख **मोहन भागवत** के एक कार्यक्रम को लेकर जोहरान ममदानी ने आपत्ति जताई। ममदानी ने इस आयोजन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी, जिसके बाद भाजपा और RSS समर्थकों ने उनके बयान की आलोचना की।
क्या बोले जोहरान ममदानी?
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वह ऐसे आयोजन का समर्थन नहीं करते, जिसे वह अपनी विचारधारा के अनुसार विभाजनकारी मानते हैं।
ममदानी ने यह भी कहा कि उनका परिवार भारत से जुड़ा हुआ है और वह भारत के भविष्य तथा सामाजिक ताने-बाने को लेकर चिंतित हैं।
उनके बयान के बाद भारतीय मूल के लोगों और राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बहस शुरू हो गई।
BJP नेता राम कदम का पलटवार
ममदानी के बयान पर भाजपा नेता राम कदम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि RSS के इतिहास, कामकाज और विचारधारा को समझने के लिए केवल आलोचना करना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि ममदानी को संघ को समझने के लिए 10 हजार जन्म लेने पड़ेंगे। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ममदानी भारतीय संस्कृति और हिंदू संगठनों को सही तरीके से नहीं समझ पाए हैं।
RSS कार्यक्रम को लेकर क्यों हुआ विवाद?
दरअसल, RSS प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम को लेकर कुछ संगठनों ने विरोध जताया था।
विरोध करने वालों का कहना था कि वे RSS की विचारधारा से सहमत नहीं हैं। वहीं RSS समर्थकों का कहना है कि यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, समाज सेवा और संगठन के काम को दुनिया के सामने रखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
RSS ने भी दी प्रतिक्रिया
RSS की ओर से कहा गया कि यह कार्यक्रम संवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना से आयोजित किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि वह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारतीय मूल के लोगों से जुड़ने का काम करता रहा है।
RSS नेताओं ने कहा कि संघ को समझने के लिए उसके सामाजिक कार्यों और लंबे इतिहास को देखना जरूरी है।
BJP नेताओं ने गिनाए RSS के काम
भाजपा नेताओं ने ममदानी की आलोचना करते हुए कहा कि RSS लंबे समय से सामाजिक सेवा, आपदा राहत और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्य करता रहा है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय संघ के स्वयंसेवक राहत कार्यों में योगदान देते हैं और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।
राजनीतिक बहस हुई तेज
ममदानी के बयान के बाद भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा जहां इसे RSS के खिलाफ गलत धारणा बताकर विरोध कर रही है, वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने ममदानी के सवालों का समर्थन किया है।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर RSS की भूमिका, विचारधारा और वैश्विक स्तर पर उसकी छवि को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
प्रवासी भारतीयों के बीच भी चर्चा
अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग RSS के सामाजिक कार्यों की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग संगठन की विचारधारा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
यह विवाद केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अमेरिका में भारतीय समुदाय के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
Next Story