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विवाद खड़ा: 6 हफ्ते के बच्चे की करा रहे थे चर्च में शुद्धि, डूबने से हुई मौत, लोगों ने की मांग- बदले जाएं Baptism के नियम

Neha Dani
6 Feb 2021 11:27 AM GMT
विवाद खड़ा: 6 हफ्ते के बच्चे की करा रहे थे चर्च में शुद्धि, डूबने से हुई मौत, लोगों ने की मांग- बदले जाएं Baptism के नियम
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रोमानिया (Romania) एक ऑर्थोडॉक्स चर्च (Orthodox Church) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

रोमानिया (Romania) एक ऑर्थोडॉक्स चर्च (Orthodox Church) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, इस चर्च में Baptism अनुष्ठान के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई है. इस कारण अब चर्च पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो अपने Baptism अनुष्ठान को बदलने के लिए काम करे. दरअसल, इस बच्चे को शुद्धि के लिए तीन बार पानी में डुबोया गया था, जिस कारण इसकी मौत हो गई. Baptism एक ऐसी प्रकिया जिसमें ईसाई लोगों को पानी में डुबकी लगवाकर उनकी शुद्धि की जाती है और बच्चों का नामकरण किया जाता है. 59,000 से अधिक लोगों ने Baptism की रस्म को बदलने के लिए रोमानियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च से आग्रह करने वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं.

सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस याचिका में कहा गया है कि Baptism के दौरान पवित्र कुंड के पानी में डूबने से बच्चे की दुखद मृत्यु के बाद पैदा हुई स्थिति को देखते हुए चर्च को तत्काल इस अभ्यास को विनियमित करना चाहिए. उत्तर-पूर्वी रोमानिया के सुकेवा में एक चर्च में Baptism के दौरान छह सप्ताह के बच्चे को तीन बार पानी में डुबाया गया. इस कारण उसे कार्डियो-रेसपिरेट्री अरेस्ट हो गया. चर्च में मौजूद लोगों ने बच्चे की मदद की और उसे सुकेवा काउंटी के अस्पताल में भेजा गया. जहां बच्चे को फौरन ICU में भर्ती किया गया, लेकिन कुछ घंटों बाद ही उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने हत्या की जांच शुरू कर दी है.

चर्च ने Baptism को लेकर कही ये बात
वहीं, रोमानियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रवक्ता वासिल बिएन्सकु ने कहा कि बिना किसी संदेह के ये एक दुखद घटना है. इस मामले की जांच होनी चाहिए. कोई इस बात को ना सोचे कि एक बच्चे को उसके नाक, मुंह और कान को कवर किए बिना पानी में डाला जा सकता है. ऐसी एक तकनीक है जो एक अनुभवी पादरी हमेशा उपयोग करता है. इस प्रकार Baptism को अत्यंत सावधानी के साथ किया जाता है.
Baptism की प्रथा में हो सुधार
Baptism के खिलाफ ऑनलाइन याचिका शुरू करने वाले व्लादिमीर डुमित्रु ने कहा कि वो यह नहीं चाहते हैं कि इस ऑर्थोडॉक्स Baptism की प्रथा को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए. लेकिन वह इतना जरूर चाहते हैं कि इस प्रथा में डूबने के खतरे जैसे मामलों को कम करने के लिए कुछ सुधार किए जाए. उन्होंने कहा कि इस प्रथा के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों और बच्चों के डूबने का खतरा अधिक होता है. ये याचिका चर्च की संस्था के खिलाफ या पादरियों के खिलाफ नहीं बल्कि रचनात्मक इरादे के साथ निर्देशित की गई है.


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