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स्टारलिंक विवाद में अलग-अलग बयान
कीव/वॉशिंगटन: रूस के साथ युद्ध के बीच यूक्रेन की सैन्य संचार सेवा पर लगी पाबंदियों को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों और मामले से परिचित लोगों के हवाले से दावा किया गया है कि एलन मस्क ने यूक्रेन द्वारा इस्तेमाल की जा रही स्टारलिंक की सैन्य स्तर की सेवा सीमित करने का निर्देश दिया था। इससे कुछ ड्रोन अभियानों पर असर पड़ा और कीव ने चिंता जताई। हालांकि, आदेश किस स्तर पर दिया गया और अमेरिकी प्रशासन की क्या भूमिका थी, इस पर अलग-अलग बयान सामने आए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह लागू की गई सीमा ने तेज गति से चलने वाले उपकरणों की उपग्रह नेटवर्क से जुड़े रहने की क्षमता प्रभावित की। कुछ हमलावर और दुश्मन के ड्रोन को रोकने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन इससे प्रभावित हुए। यहां मामला केवल इंटरनेट की डाउनलोड स्पीड घटने का नहीं है। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि संचार टर्मिनल निर्धारित गति से अधिक तेजी से चलने पर उसका डेटा कनेक्शन टूट रहा था, जिससे उड़ते ड्रोन का नियंत्रण मुश्किल हो गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति के रक्षा प्रौद्योगिकी सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने पहले बताया था कि लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति पर सेवा बाधित हो रही थी। उनके अनुसार, इस बदलाव की अग्रिम जानकारी नहीं दी गई। तेज गति वाले रूसी ड्रोन का मुकाबला करने के लिए यूक्रेनी इंटरसेप्टर को भी तेजी से उड़ना पड़ता है। ऐसे में संपर्क की सीमा लागू होने से उनकी उपयोगिता प्रभावित हुई। यूक्रेनी पक्ष ने इसे गंभीर परिचालन समस्या बताते हुए प्रतिबंध हटाने के लिए बातचीत शुरू की थी।
यूक्रेन की सातवीं रैपिड रिएक्शन कोर ने भी कुछ मिशन रद्द होने की जानकारी दी थी। उसके मुताबिक, उड़ान के दौरान संपर्क कुछ सेकंड के लिए टूटने से ड्रोन को नियंत्रित करना कठिन हो रहा था। हालांकि, इन घटनाओं से पूरी यूक्रेनी सैन्य रणनीति ठप पड़ जाने की पुष्टि नहीं होती। उपलब्ध विवरण मुख्य रूप से कुछ ड्रोन अभियानों, रसद और तेज गति से चलने वाले उपकरणों की कनेक्टिविटी पर असर की ओर संकेत करते हैं।
मस्क ने इससे पहले अपनी सफाई में कहा था कि स्टारशील्ड प्रणाली अमेरिकी सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में है। उनके मुताबिक, इसकी गति या उपयोग से जुड़े प्रतिबंधों का निर्णय अमेरिकी सेना और अंततः राष्ट्रपति के स्तर पर होता है। दूसरी ओर, ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया कि मस्क और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस विषय पर बातचीत हुई थी। कुछ अधिकारियों ने मस्क के स्वतंत्र रूप से फैसला लेने की बात भी कही। इन परस्पर विरोधी विवरणों के कारण जिम्मेदारी का प्रश्न बना हुआ है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने सेवा में बदलाव का कोई निर्देश नहीं दिया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अमेरिकी सरकार द्वारा स्टारलिंक धीमा करने का आदेश दिए जाने से इनकार किया। उन्होंने व्यावसायिक स्टारलिंक और सैन्य उपयोग वाली स्टारशील्ड प्रणाली के बीच अंतर बताया। यूक्रेनी अधिकारियों और अमेरिकी पक्ष के विवरणों में इस्तेमाल की गई सेवा तथा उसके नियंत्रण को लेकर भी मतभेद दिखाई दिए हैं। इसलिए किसी एक दावे को अंतिम निष्कर्ष मानना उचित नहीं होगा।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सेवा में रुकावटों पर नाराजगी जताते हुए सैन्य अभियानों पर असर पड़ने की बात कही थी। उन्होंने मस्क की भूमिका पर भी सवाल उठाए। वहीं, यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मायखाइलो फेडोरोव ने कनेक्टिविटी बहाल किए जाने की जानकारी दी। बाद के बयानों में सेवा बहाली के संकेत मिले हैं, लेकिन सामान्य संपर्क बहाल होने और तेज गति वाले उपकरणों पर लगी सभी सीमाएं हटने को एक जैसी स्थिति नहीं माना जा सकता।
मामला अमेरिकी संसद तक भी पहुंचा है। सीनेटरों ने स्पेसएक्स से पूछा है कि किन क्षमताओं पर प्रतिबंध लगाए गए, वे कब लागू हुए और कितने समय तक प्रभावी रहे। उन्होंने यूक्रेन की सुरक्षा पर संभावित असर को लेकर जवाब मांगे हैं। यह विवाद युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण संचार सेवाओं के लिए निजी कंपनियों पर निर्भरता का प्रश्न सामने लाता है। फिलहाल मस्क की भूमिका संबंधी रिपोर्ट, अमेरिकी अधिकारियों के इनकार और यूक्रेनी शिकायतों के बीच प्रतिबंधों की पूरी निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट होना बाकी है।
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